ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को पहले ज्यादा शक्तिशाली बनाने के लिए उसमें कई बदलाव किए गए हैं. जो सफल होते दिख रहे हैं. गुरुवार को अपडेटेड ब्रह्मोस मिसाइल का टेस्ट सफल रहा. ब्रह्मोस एयरोस्रपेस ने DRDO की टीम के साथ मिलकर मिसाइल की लॉन्चिंग ओडिशा के बालासोर के पास तट के नजदीक चांदीपुर रेंज पर की गई. मिसाइल ने इस दौरान पहले से सेट किए गए सभी टारगेट पूरे किए.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए ब्रह्मोस और डीआरडीओ की टीमों की सराहना की है. ब्रह्मोस के महानिदेशक अतुल डी राणे ने डीआरडीओ के साथ ही रूस की एनपीओएम को भी बधाई दी है.
ब्रह्मोस में जरूरी बदलाव करने के लिए चल रहे मिशन को इस टेस्ट से देश को मजबूती मिलेगी. टेस्ट के दौरान मिसाइल ने अपनी सबसे तेज गति से अधिकतम दूरी के टारगेट को हिट किया. मिसाइल को कई स्वदेशी तकनीकों से लैस किया गया था. भारत ने अपनी जरूरतों के मुताबिक इसमें कई बदलाव किए हैं. इस टेस्ट की निगरानी टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे नए तकनीक के उपकरणों से की गई.
भारत की तरफ से DRDO और रूस की तरफ से NPOM ने इस टेस्ट में भाग लिया. बता दें कि ब्रह्मोस का निर्माण भारत और रूस ने साथ मिलकर किया है. दोनों ही देश इसे अपडेट करने के अभियान पर भी मिलकर काम कर रहे हैं. नए मिशन का लक्ष्य ब्रह्मोस के प्रभाव को टारगेट हिट करने के लिए और बेहतर बनाने का है. भारत की तरफ से डीआरडीओ और रूस की तरफ एनपीओएम इस पर काम कर रहा है.