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कुर्सी एक, दावेदार अनेक: भाजपा आलाकमान के सामने चुनौती, पीएम आवास पर चार घंटे चली बैठक

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोग, अब ये जानना चाहते हैं कि उनके प्रदेश का मुखिया कौन होगा? तो इन तीनों राज्यों में बीजेपी की जीत के भागीदार, चेहरे भी सोच रहे हैं, आलाकमान, किसको कमान देने वाले हैं. प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर इसे लेकर 4 घंटे बैठक हुई.

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पीएम आवास पर हुई बैठक
पीएम आवास पर हुई बैठक

कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जी हां तीन राज्यों में बीजेपी की जीत वाली हैट्रिक के साथ, अब यही सवाल सबसे बड़ा है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोग, अब ये जानना चाहते हैं कि उनके प्रदेश का मुखिया कौन होगा? तो इन तीनों राज्यों में बीजेपी की जीत के भागीदार, चेहरे भी सोच रहे हैं, आलाकमान, किसको कमान देने वाले हैं. दिल्ली में माथापच्ची चल रही है और सीएम के लिए सस्पेंस लगातार बना हुआ है. आज बीजेपी की जीत का तीसरा दिन है.

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ऐसे में यह जान लेते हैं कि आखिर बीजेपी के अंदर मुख्यमंत्री के नामों को लेकर किसकी चर्चा सबसे तेज है और कौन से राज्य में किस चेहरे पर मुहर लग सकती है. सबस पहले बात राजस्थान की करते हैं.

राजस्थान में 5 चेहरे सामने हैं,

पहला- वसुंधरा राजे सिंधिया

दूसरा- बाबा बालकनाथ योगी

तीसरा- गजेंद्र सिंह शेखावत

चौथा नाम- दीया कुमार 

पांचवा नाम- अश्विनी वैष्णव

अब इन 5 चेहरों में से केंद्रीय नेतृत्व किसे चुनता है, यही जनता जानना चाहती है. वसुंधरा राजे सिंधिया से सस्पेंस बढ़ा रखा है, उनके घर लगातार विधायक पहुंच रहे हैं. लेकिन सूत्रों की मानें तो राजस्थान में ऊपरी स्तर पर मुख्यमंत्री का नाम तय हो चुका है.

अब बात मध्य प्रदेश की करते हैं,

मध्य प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. इसके लिए दिल्ली में मंथन चल रहा है. इस लिस्ट में....

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पहला नाम- शिवराज सिंह चौहान का है.

दूसरा नाम- नरेंद्र सिंह तोमर का है.

तीसरा नाम- प्रह्लाद पटेल का है.

और चौथा नाम- वीडी शर्मा का है.

बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी यूपी फॉर्मूले पर भी काम कर सकती है. चर्चा है कि एमपी में भी एक सीएम और दो डेप्युटी सीएम हो सकते हैं. तीन अहम पदों के जरिए बीजेपी, एमपी में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी.

बात छत्तीसगढ़ की,

भूपेश बघेल का किला ढहने के बाद, यहां भी बीजेपी में सीएम को लेकर तगड़ा सस्पेंस बरकरार है. छत्तीसगढ़ से सीएम की रेस में जो चेहरे हैं, वो आपको दिखाते हैं...

- रमन सिंह

- अरुण साव

- विष्णुदेव साय

- ओपी चौधरी

आपको बता दें कि बीजेपी ने तीनों राज्यों में सीएम के चेहरा घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा है. छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां, आदिवासी मुख्यमंत्री की भी मांग होती रही है. लेकिन सवाल यही है केंद्रीय नेतृत्व, किस चेहरे को मुख्यमंत्री के लिए चुनता है, क्या ये भी हो सकता है कि जिसके बारे में सोचा भी ना हो और अचानक से वो चेहरा सामने आ जाए.

राजस्थान में सबसे ज्यादा हलचल

मुख्यमंत्री के नाम को लेकर, तीनों राज्यों में सबसे ज्यादा कहीं हलचल है, तो वो है राजस्थान. बात यहां तक पहुंच गई है कि वसुंधरा राजे विधायकों से बातचीत कर रही है, उनसे मिल रही हैं. या कहें कि वसुंधरा राजे शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं. लेकिन सीएम कौन होगा, ये केंदीय नेतृत्व ही तय करेगा. वैसे कई नेता दावा कर रहे हैं कि राजस्थान से मुख्यमंत्री के लिए बेहद चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है.

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राजस्थान में बीजेपी ने 115 सीटें जीतकर, यहां के रिवाज को कायम रखा है, रिवाज ये कि हर 5 साल बाद राजस्थान में सरकार बदलती है. लेकिन अब इस रिवाज का ताज किसके सिर पर सजेगा, पेंच इसी पर फंसा है और इसी कड़ी में वसुंधरा राजे सिंधिया ने जयपुर में शक्ति प्रदर्शन कर दिया है. जिस तरह से वसुंधरा के आवास पर विधायक पहुंच रहे हैं, इससे ये भी माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे को कहीं ये एहसास तो नहीं हो गया है कि इस बार पार्टी हाईकमान राजस्थान के लिए नया चेहरा ला रही है.

ऐसे में सूत्रों से खबर आ रही है कि वसुंधरा राजे ने 68 विधायकों से बात की है, और 28 विधायकों से मुलाकात की है. आपको बता दें कि वसुंधरा राजे, दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी है.

- पहली दफा 2003 से 2008 तक

- दूसरी दफा 2013 से 2018 तक 

- लेकिन 2018 में बीजेपी की हार के बाद कहा जाने लगा कि पार्टी ने वसुंधरा राजे को किनारे कर दिया है. लेकिन इस बार वो फिर से सीन में हैं और अपनी ताकत भी दिखा रही है.

लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही, पार्टी हाई कमान ने गजेंद्र सिंह शेखावत और बाबा बालकनाथ योगी को तत्कार दिल्ली बुलाया. इसके साथ ही अटकलें ये शुरु हो गईं कि गजेंद्र सिंह शेखावत और बालकनाथ योगी में से भी कोई सीएम बन सकता है. लेकिन दावा दीया कुमारी भी कर रही हैं. लेकिन इस बीच नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने चुटकी लेते हुए बालक नाथ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये राजस्थान के नए सीएम बनने वाले हैं. इस पर बालक नाथ असहज हो गए.

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सीएम पर इस सस्पेंस के बीच सियासी गलियारों में चर्चा ये भी है कि पार्टी के ऊपरी स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम का चयन हो चुका है. अब विधायक दल की बैठक के बाद ही इस नाम पर घोषणा हो सकती है. ऐसे में पार्टी के कई नेता दावा कर रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व से चौंकाने वाला फैसला हो सकता है.

राजस्थान में नए मुख्यमंत्री को लेकर जारी कयासों के बीच बीजेपी के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री के संबंध में पार्टी के संसदीय बोर्ड का फैसला सभी को मान्य होगा.

आइए अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएम के लिए जारी मत्थापच्ची पर नजर डालते हैं.  

क्या मामा शिवराज पांचवी बार बनेंगे सीएम?

क्या लगातार 5वीं बार सीएम बनेंगे शिवराज सिंह चौहान? या फिर मध्य प्रदेश में भी सबको चौंकाएगा नया नाम?

मध्य प्रदेश में दावेदार कई हैं, और सभी पीएम मोदी की उस लिस्ट में अपना नाम देखना चाहते हैं, जिसपर मुख्यमंत्री के लिए टिक लगने वाला है. ये सच है कि मध्य प्रदेश का चुनाव, सिर्फ और सिर्फ पीएम मोदी के चेहरे पर ही लड़ा गया है. फिर भी जिन-जिन नेताओं के नाम, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए चल रहे हैं, उनमें सबसे ज्यादा मार्केटिंग शिवराज सिंह चौहान ही कर रहे हैं. शिवराज सिंह ने सोमवार को लाडली बहनाओं के बीच में भोजन भी किया.

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मध्य प्रदेश में जीत का श्रेय महिला वोटरों को दिया जा रहा है और ये भी कहा जा रहा है कि इसमें शिवराज सिंह की योजनाओं का भी योगदान है. ऐसे में शिवराज कहते हैं कि उन्हें बहनों ने बुलाया, तो वो चले आए. हालांकि शिवराज ने एक बहुत बड़ी बात कह दी है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वो सीएम पद के दावेदार नहीं हैं. जबकि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के अलावा जिन नामों की चर्चा है, वो एक ही बात कह रहे हैं, केंद्रीय नेतृत्व जो फैसला करेगा, वो मंजूर होगी.

छत्तीसगढ़ भी आलाकमान के भरोसे

2024 के इस सेमीफाइनल में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली है, छत्तीसगढ़ में भी 90 में से 54 सीटों पर बीजेपी ने कमल खिलाया है और 2018 में 68 सीटें पाने वाली कांग्रेस महज 35 सीटों पर सिमट गई है. अब मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस छत्तीसगढ़ में भी बना हुआ है. छत्तीसगढ़ में फिर से रमन सिंह का नाम सामने है तो अरुण साव, विष्णुदेव साय और ओपी चौधरी के नामों को लेकर भी चर्चा तेज है.

खबरें यही हैं कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को गुड बुक में अरुण साव का नाम है, साथ ही अरुण साव संघ की भी पसंद कहे जा रहे हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ से किसके नाम पर मुहर लगती है, इसके पत्ते भी नहीं खुले हैं. 

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और अब बात तेलंगाना की करते हैं, 5 राज्यों के चुनावों में कांग्रेस को तेलंगाना में जीत मिली है और तेलंगाना में मुख्यमंत्री की कुर्सी रेवंत रेड्डी को मिलने जा रही है. राहुल गांधी ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है. दिल्ली में पार्टी की बैठक में रेवंत रेड्डी को सीएम बनाने पर फैसला लिया गया. अब 7 दिसंबर को रेवंत रेड्डी सीएम की शपथ लेंगे. 

- रेवंत रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद हैं.

- रेवंत रेड्डी को तेलंगाना का डीके शिवकुमार कहा जाता है.

- उन्होंने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ कामारेड्डी और कोडंगल सीट से चुनाव लड़ा था. कामारेड्डी सीट से उन्हें बीजेपी नेता के वेंकट रमन्ना रेड्डी ने हरा दिया. वहीं, कोडंगल सीट से उन्होंने जीत दर्ज की.

- 54 साल के रेवंत का पूरा नाम अनुमुला रेवंत रेड्डी है.

- उस्मानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट रेवंत ने राजनीतिक करियर की शुरुआत बीजेपी की स्टूडेंट विंग ABVP से की थी.

- 2007 में वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी चुने गए.

- बाद में आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू के न्योते पर वो TDP में शामिल हो गए.

- 2009 में रेवंत रेड्डी ने TDP के टिकट से कांग्रेस के 5 बार के विधायक गुरुनाथ रेड्डी को हराया.

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- 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर मल्काजगिरी सीट से चुनाव लड़ा और पहली बार संसद पहुंचे.

इन्हीं राज्यों में नाम तय करने के लिए आज प्रधानमंत्री आवास पर एक अहम बैठक हुई. प्रधानमंत्री आवास पर चली इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा मौजूद रहे. बताया गया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा हुई. 

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