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रेलवे स्टेशन पर ढह गई 54 हजार गैलन क्षमता वाली पानी की टंकी, तीन की मौत, 1890 में हुआ था निर्माण

पश्चिम बंगाल में पूर्व बर्दवान जंक्शन पर बना वाटर टैंक अचानक ढह गया. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, वहीं कई लोग घायल हुए हैं. इस वाटर टैंक का निर्माण साल 1890 में हुआ था. इसकी क्षमता करीब 54 हजार गैलन पानी की थी.

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रेलवे स्टेशन पर ढह गई पानी की टंकी.
रेलवे स्टेशन पर ढह गई पानी की टंकी.

पश्चिम बंगाल के बर्दवान जंक्शन स्टेशन पर पानी की टंकी गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई. वहीं 30 लोग घायल हो गए. इस हादसे पर अब राजनीति शुरू हो गई है.  टीएमसी के प्रदेश प्रवक्ता प्रसेनजीत दास ने केंद्र सरकार पर यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया.

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बता दें कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे यहां पानी की टंकी ढह गई थी. इसके बाद पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया था. रेलवे सूत्रों के अनुसार, 53 हजार 800 गैलन का ओवरहेड वाटर टैंक 1890 में बनाया गया था.

काफी पुराना होने और पानी के दबाव के कारण यह टैंक ढह गया. जब तक जांच नहीं हो जाती, तब तक घटना के पीछे की असली वजह बता पाना संभव नहीं है. इस मामले की जांच के लिए रेलवे की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है.

स्टेशन पर ढह गई 54 हजार गैलन क्षमता वाली पानी की टंकी, तीन की मौत, 1890 में हुआ था निर्माण

टीएमसी के प्रदेश प्रवक्ता प्रसेनजीत दास ने कहा कि बीजेपी लोगों को मूर्ख बना रही है. चुनाव ही उनका मुख्य लक्ष्य है, लेकिन जिन लोगों की वजह से बीजेपी केंद्र में कुर्सी पर बैठी है, उनकी सुरक्षा को लेकर कोई कोशिश नहीं की जा रही है.  

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यात्रियों की सुरक्षा करना रेलवे की जिम्मेदारी है. रेलवे विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हादसा हुआ कि तीन लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल हो गए,  इनमें 5 गंभीर हैं.

उन्होंने कहा कि साल 2020 में इसी बर्दवान स्टेशन पर हादसा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसके बाद 2023 में अब ये घटना हुई है. उस टंकी से तीन-चार दिनों से पानी गिर रहा था. लोगों ने देखा भी था, फेरीवालों ने देखा था. इसी के साथ रेलवे अधिकारियों ने भी देखा, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. यदि समय पर मरम्मत हो जाती तो लोगों की जान बच जाती.

भाजपा ने कहा- गलत आरोप लगा रही तृणमूल

दूसरी ओर, भाजपा के बर्दवान जिला संगठन अध्यक्ष अभिजीत ने कहा कि तृणमूल का एकमात्र काम राजनीति करना है. पीएम मोदी के कार्यकाल में देशभर के सभी स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण किया जा रहा है. इसलिए आरोप सही नहीं हैं.  यह बहुत पुरानी पानी की टंकी थी. इसकी देखभाल की आवश्यकता थी.

सांसद बोले- इस घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

वहीं बर्दवान दुर्गापुर के सांसद ने कहा कि रेलवे के जिन अफसरों पर इस टंकी की देखरेख की जिम्मेदारी थी, उन पर जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस हादसे में राजनीति करना ठीक नहीं है. यह एक दुर्घटना है.  कुछ लोगों की मौत हो गई है, कई घायल हो गए. अब इन बातों को लेकर राजनीति करना ठीक नहीं है.

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