केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही अब नागरिकता संशोधन कानून देशभर में लागू हो गया है. लेकिन इस कानून को लागू करने को सियासत गरमाई हुई है. ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सीएए के तहत अब पाकिस्तान के लोगों को भारत में बसाया जाएगा और उन्हें बसाने के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा.
केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में लगभग 2.5 से तीन करोड़ अल्पसंख्यक रहते हैं. एक बार भारत अपने दरवाजे खोल देगा तो इन देशों से बड़े पैमाने पर लोग भारत आएंगे. क्या हम इन शरणार्थियों को रोजगार देंगे? ऐसा क्यों किया जा रहा है? कुछ लोगों का कहना है कि ये वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि ये सीएए आखिर है क्या? केंद्र की बीजेपी सरकार का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश इन तीनों देशों के अल्पसंख्यक अगर भारत की नागरिकता लेना चाहते हैं तो उन्हें नागरिकता दी जाएगी. इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में इन देशों से अल्पसंख्यकों को हमारे देश में लाया जाएगा. उन्हें रोजगार दिए जाएंगे, उनके लिए घर बनाए जाएंगे, उन्हें यहां बसाया जाएगा.
केजरीवाल ने कहा कि अजीब बात है ना, बीजेपी की सरकार को हमारे बच्चों को रोजगार दिया नहीं जा रहा. पाकिस्तान से लाकर उनके बच्चों को रोजगार देंगे. हमारे देश में बहुत सारे लोगों के पास घर नहीं है, लेकिन बीजेपी पाकिस्तान से लोगों को लाकर उन्हें यहां घर देगी. सरकार हमारे रोजगार उनके बच्चों को देना चाहती है. देश का जो पैसा हमारे लोगों और हमारे विकास पर खर्च होना चाहिए. वो पैसा भारत में पाकिस्तानियों को बसाने पर खर्च किया जाएगा.
'1947 से बड़ा पलायन होगा'
केजरीवाल ने कहा कि सीएए कानून के तहत भारत आने वाले शरणार्थियों की संख्या इतनी अधिक होगी कि ये 1947 से बड़ा माइग्रेशन सिद्ध होगा. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत आने वाले पाकिस्तान के लोग कितने सुरक्षित होंगे. इससे पूरी संभावना है कि चोरी, बलात्कार, डकैती और दंगे की घटनाएं बढ़ेगी.
आम आदमी पार्टी CAA को चुनावी मुद्दा बनाएगी
केजरीवाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सीएए को बड़ा मुद्दा बनाएगी. उन्होंने बीजेपी को चेतावनी देते हुए सीएए को वापस लेने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि पूरे देश की मांग है कि सीएए को वापस लिया जाए. हम अपने हिस्से की नौकरियां दूसरे देश के लोगों को नहीं देंगे. अगर बीजेपी इसे वापस नहीं लेती है तो इस चुनाव में बीजेपी के खिलाफ वोट करके गुस्सा जाहिर कीजिए.
बता दें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के नियम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था. इसके साथ ही सीएए अब देशभर में लागू हो गया है.
नागरिकता संशोधन का बिल दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से पास हो गया था. लगभग चार साल बूाद इसके नियम आए हैं. इसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया है.