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574 करोड़ की ड्रग्स, 100 करोड़ की शराब और 152 करोड़ कैश... चुनावी राज्यों से क्या-क्या पकड़ा गया

चुनाव आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर से 1 हजार करोड़ रुपये का कैश, शराब, ड्रग्स और अन्य सामग्री जब्त की गई है. ये आंकड़ा 2017 के चुनाव से लगभग 3 गुना ज्यादा है.

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इस बार चुनावों में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सामग्री जब्त हुई है. (फाइल फोटो)
इस बार चुनावों में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सामग्री जब्त हुई है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पांचों राज्यों से 1,059 करोड़ रुपये की जब्ती
  • 2017 में करीब 300 करोड़ की जब्ती हुई थी

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई है. कल यानी गुरुवार को मतगणना के बाद नई सरकार की तस्वीर भी साफ हो जाएगी. हमेशा की तरह इस बार भी पार्टियों-प्रत्याशियों ने वोटरों को लुभाने के लिए कई नाजायज हथकंडे भी अपनाए. इसका सबूत हैं पांचों राज्यों से चुनाव आयोग की टीम द्वारा बरामद एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब, ड्रग्स और कैश.

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50 करोड़ रुपये से ज्यादा तो सिर्फ पंजाब से जब्त किए गए. यहां से 376 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद हुई. ये आंकड़ा अभी और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि मणिपुर की जब्ती रिपोर्ट 25 फरवरी तक की ही है. 

2017 के विधानसभा चुनाव में इन पांचों राज्यों से करीब 300 करोड़ रुपये की जब्ती हुई थी यानी 2017 की तुलना में 2022 के चुनाव में जब्ती में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. 

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इस बार क्या-क्या पकड़ा गया?

-इस बार इन पांचों राज्यों से चुनाव आयोग की टीम ने 152 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी जब्त की. इसके साथ ही 85.13 लाख लीटर शराब बरामद की, जिसकी कीमत 108 करोड़ रुपये के आसपास है.

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-574 करोड़ रुपये की ड्रग्स भी जब्त की गई, जिसमें 376 करोड़ की ड्रग्स अकेले पंजाब में पकड़ी गई है. साथ ही 117 करोड़ रुपये से ज्यादा की बहुमूल्य वस्तुएं और 106 करोड़ रुपये की अन्य सामग्री जब्त हुई है.

-सबसे ज्यादा 510 करोड़ रुपये की जब्ती पंजाब से हुई. इसके बाद 348 करोड़ रुपये की यूपी से, 167 करोड़ रुपये की मणिपुर से, 18 करोड़ रुपये की उत्तराखंड से और 12 करोड़ रुपये की गोवा से जब्त हुई. 

इतना तो लोकसभा चुनाव में भी नहीं पकड़ा गया था...

2019 के लोकसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने देशभर से 3,475 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश, शराब, ड्रग्स और अन्य सामग्री जब्त की थी. इनमें से 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की जब्ती यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में हुई थी. वहीं, 2017 में इन पांचों राज्यों से 299 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त हुई थी.

कब होती है नकदी जब्त?

- चुनाव के दौरान जब्ती और उसे छोड़ने को लेकर चुनाव आयोग का बाकायदा एक SOP है. इसके मुताबिक, अगर किसी उम्मीदवार, उसके एजेंट या पार्टी कार्यकर्ता को लाने ले जाने वाली गाड़ी में 50 हजार रुपये से ज्यादा की नकदी मिलती है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा. वहीं, अगर किसी गाड़ी में शराब, ड्रग्स, हथियार या 10 हजार रुपये से ज्यादा कीमत की कोई चीज मिलती है, तो वो भी जब्त हो जाएगी.

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- अगर कोई स्टार प्रचारक अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल करने के लिए 1 लाख रुपये तक की नकदी ले जा रहा है तो उसे प्रमाण पत्र रखना होगा. इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी में 10 लाख रुपये तक की नकदी मिलती है और उसके किसी पार्टी या उम्मीदवार से जुड़े होने का संदेह नहीं है तो नकदी जब्त नहीं होगी और आयकर विभाग को इसकी जानकारी दी जाएगी.

- जब्ती के बाद जिला कोषागार अधिकारी की एक समिति इस पूरे मामले की जांच करेगी. अगर जांच में पाया जाता है कि जब्ती किसी उम्मीदवार या पार्टी से नहीं जुड़ी है तो उसे वापस कर दिया जाता है. वहीं, अगर नकदी 10 लाख से ज्यादा होती है तो उसे वापस देने से पहले आयकर विभाग को जानकारी दी जाती है.

 

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