सीबीआई ने पुणे से 22 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर दो लापता मणिपुरी छात्रों के मामले का मास्टरमाइंड होने का शक है. सीबीआई ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया एक विशेष जांच टीम ने पाओलुनमांग नाम के व्यक्ति को बुधवार को पुणे से गिरफ्तार किया है. उसे ले जाकर गुवाहटी कोर्ट में पेश किया गया था.
उन्होंने बताया कि स्पेशल कोर्ट ने युवक को 16 अक्टूबर तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है. सीबीआई को इस मामले में पाओलुनमांग के मास्टरमाइंड होने का शक है. इससे पहले एजेंसी ने 1 अक्टूबर को दो पुरुषों, पाओमिनलुन हाओकिप और स्मालसॉम हाओकिप और दो महिलाओं, ल्हिंगनेइचोंग बैतेकुकी और टिननेइलिंग हेंथांग को गिरफ्तार किया था.
25 सितंबर को दोनों छात्रों की तस्वीर आई थी सामने
बता दें कि फिजाम हेमनजीत (20) और 17 साल की लड़की हिजाम लिनथोइनगांबी 6 जुलाई को लापता हो गए थे. कथित तौर पर उनके शव दिखाने वाली तस्वीरें 25 सितंबर को सामने आईं, जिसके बाद राज्य में एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए थे. राज्य सरकार ने कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर मोबाइल इंटरनेट सेवा को सस्पेंड कर दिया था.
मणिपुर के जातीय झड़पों में 175 से अधिक लोग मारे गए
मणिपुर में जातीय झड़पों के बाद से 175 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. ये हिंसा तब हुई, जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किया गया था. मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि नागा और कुकी सहित आदिवासी 40 प्रतिशत हैं और ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं.