केंद्र सरकार ने महादेव बेटिंग एप समेत अवैध सट्टेबाजी वाले 22 ऐप और वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है. महादेव बेटिंग ऐप केस में प्रवर्तन निदेशालय के नेतृत्व में अवैध सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट के खिलाफ चल रही जांच के बीच आईटी मंत्रालय ने इन ऐप्स को बैन करने के आदेश दिए हैं. ED की सिफारिशों के बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम की धारा 69ए के तहत आदेश जारी किया है.
आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सट्टेबाजी ऐप के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ भूपेश बघेल सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास धारा 69ए आईटी अधिनियम के तहत वेबसाइट/ऐप को बंद करने की सिफारिश करने का अधिकार था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया था, जबकि वे पिछले 1.5 साल से इसकी जांच कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमें ED से पहली और एकमात्र रिक्वेस्ट मिली है, और उस पर कार्रवाई की गई है. राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को पहले भी इसी तरह के अनुरोध करने से कोई नहीं रोक रहा था.
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब से सुर्खियों में आया, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक 'कैश कूरियर' के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे.
कब सुर्खियों में आया महादेव बेटिंग ऐप?
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब से सुर्खियों में आया, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक 'कैश कूरियर' के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे. वहीं, महादेव बुक के मालिक अब हिरासत में हैं, उसे मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया गया है.
कैश कूरियर ने चौंकाने वाले राज उगले
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया था कि फॉरेंसिक जांच और कैश कूरियर द्वारा दिए गए बयान से चौंकाने वाली बात सामने आई है. आरोप है कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने CM भूपेश बघेल को करीब 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. हालांकि अभी ये जांच का विषय है. वहीं सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि इससे बड़ा क्या मजाक हो सकता है. किसी को पकड़ा कर अगर मैं पीएम का नाम बुलवा दूं तो क्या आप पीएम से पूछताछ करेंगे. किसी का नाम उछालना बहुत आसान है.
ED ने दुबई से आए एजेंट को किया था अरेस्ट
ED ने एजेंट असीम दास को 5.39 करोड़ रुपये कैश बरामद करने के बाद रायपुर में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी के मुताबिक एजेंट असीम दास को ऐप प्रमोटरों ने UAE से भेजा था. आरोप है कि उसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को चुनाव खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने का काम दिया गया था. जांच एजेंसी ने एक बयान में आरोप लगाया कि असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त किया गया कैश महादेव ऐप प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक राजनेता 'बघेल' तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी.