भारतीय रेलवे ने नारी शक्ति (Nari Shakti) का लोहा मानते हुए महिलाओं को ऐसा काम सौंपा है, जो अब तक सिर्फ पुरुष ही करते आए हैं. दरअसल, महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे यार्ड ( Kalyan Yard) में मालगाड़ियों की जांच के लिए महिलाओं की नियुक्ति की गई है.
मध्य रेलवे (Central Railways) के मुताबिक मालगाड़ियों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधे पर सौंपी गई है. कल्याण रेलवे यार्ड में मालगाड़ियों का निरीक्षण करने के लिए 10 महिलाओं की टीम बनाई गई है.
महिलाओं की ये टीम 8 जून से कल्याण रेलवे यार्ड ( Kalyan Yard) में काम कर रही है. यार्ड में आने वाली ट्रेनों के रख-रखाव और मरम्मत का काम टीम के द्वारा ही किया जा रहा है. इससे पहले इन मालगाड़ी के रख-रखाव, मरम्मत और निरीक्षण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पुरुषों के कंधों पर थी.
Good one @RailMinIndia, @Central_Railway yard in kalyan saw women working as maintenance unit as well. Job which only for men is now opening up for women too.... https://t.co/x9eHFi36dZ
— Sahil Joshi (@sahiljoshii) June 14, 2021
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी हाल ही में ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी है. रेल मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के कल्याण गुड्स यार्ड में मालगाड़ियों की जांच के लिए महिला टीम का गठन किया गया है. टीम को अंडर गियर जांच, एयर ब्रेक टेस्टिंग, अंडर फ्रेम, साइड पैनल, और ऑन रैक अटेंशन के लिए तैनात किया गया है.
An all women team was formed to undertake the responsibility of intensive examination of freight trains at Kalyan Goods Yard, Maharashtra.
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) June 12, 2021
The team will perform tasks like under gear, under frames & side panels examination, air brake testing & for on rake attention.#NariShakti pic.twitter.com/lDP7Rk4pg6
जानकारी के मुताबिक दस सदस्यीय इस टीम में पहले दो-तीन महिलाओं को शामिल किया गया था. लेकिन अब इस काम की पूरी जिम्मेदारी महिला टीम के कंधों पर है. इस टीम की महिलाओं ने रेलवे द्वारा दिए गए अवसर के लिए रेलवे को धन्यवाद दिया है.
इस संबंध में कल्याण रेलवे यार्ड के डिपो प्रभारी जॉन ने दावा करते हुए कहा कि इन महिलाओं द्वारा दिखाया गया विश्वास पुरुषों से कम नहीं है. इन्होंने साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी मोर्चे पर पुरुषों से पीछे नहीं हैं. बता दें कि पहली बार महिलाओं की टीम मालगाड़ी का निरीक्षण के लिए नियुक्त की गई है.