चंडीगढ़ में हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर से तीनों सीटों पर कब्जा किया है. यहां चंडीगढ़ मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के लिए आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर थी. जिसमें बीजेपी ने बहुमत और नंबर के हिसाब से एक बार फिर आम आदमी पार्टी को 1 वोट से तीनों पोस्टों में शिकस्त दी, जबकि कांग्रेस और अकाली दल ने फिर से चुनावों का बहिष्कार किया और इसका नतीजा यह रहा कि बीजेपी फिर से अपना किला बचाने में कामयाब रही.
इस पूरे चुनाव में एक 'खास' वोट ने इलेक्शन के नतीजों की तस्वीर ही बदल कर रख दी. और बीजेपी के लिए संजीवनी साबित होने वाला यह खास वोट किसी और का नहीं बल्कि चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर का था. बात करें चुनाव की तो चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव का मुकाबला उस दौरान और दिलचस्प हो गया जब आम आदमी पार्टी ने पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में 14 पार्षदों के साथ अपनी मजबूत दावेदारी पेश की. ऐसे में बीजेपी ने 14 काउंसलर और चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर के एक वोट के बलबूते अपना किला ढहने से बचा दिया.
दरअसल, कांग्रेस पार्टी के छह काउंसलर और अकाली दल के एक पार्षद ने फिर से चुनावों का बहिष्कार किया जिसकी वजह से बीजेपी आसानी से नंबर के बलबूते काबिल हो गई. वहीं चुनाव के बाद वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस की नवनिर्वाचित पार्षद हरप्रीत अपने पति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देविंदर बबला के साथ बीजेपी में शामिल हो गईं.
एक वोट से हारे AAP के जसबीर सिंह
बता दें कि चंडीगढ़ मेयर पद के लिए हुए महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अनूप गुप्ता ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के जसबीर सिंह को महज एक वोट के अंतर से हराकर चंडीगढ़ मेयर का चुनाव जीत लिया. चुनाव में कुल 29 वोट पड़े, जिनमें से अनूप गुप्ता को 15 वोट मिले, जबकि जसबीर सिंह लाडी को 14 वोट मिले. इस दौरान कांग्रेस और अकाली दल मतदान से दूर रहे.
सदन में कुल 35 पार्षद हैं जबकि एक वोट चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर का है. जिसमें कांग्रेस पार्टी के 6 पार्षद हैं, जबकि अकाली दल के पास एक पार्षद है, और सभी मतदान से दूर रहे. कांग्रेस और शिअद ने वॉकआउट कर के बीजेपी को सांसद किरण खेर के एक वोट से आगे कर दिया, जिसके चलते बीजेपी के अनूप गुप्ता चंडीगढ़ के नए मेयर के रूप में चुने गए.