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कर्तव्य पथ पर कूनो नेशनल पार्क का चीता! पहली बार रिपब्लिक डे परेड में आया नजर

गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार कर्तव्य पथ पर कूनो नेशनल पार्क का चीता नजर आया है. लोक निर्माण विभाग ने चीते की फूलों से बने पुतले को अपनी झांकी में शामिल किया जिसे देखकर लोग काफी खुश नजर आए. बता दें कि करीब 7 दशक बाद बीते साल नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया है.

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गणतंत्र दिवस परडे में नजर आया चीता
गणतंत्र दिवस परडे में नजर आया चीता

देश में 70 सालों बाद चीते की वापसी होने पर इसकी झलक इस बार गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर दिल्ली के कर्तव्यपथ पर भी देखने को मिली. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने अपनी झांकी में इसे शामिल किया.

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झांकी में फूलों से बने इस चीते के पुतले ने लोगों को अपनी तरह आकर्षित किया और स्टैंड में बैठे दर्शक इस दौरान चीते को देखकर बेहद खुश नजर आए. दर्शकों ने झांकी का स्वागत तालियों के साथ किया.

बता दें कि आजादी के 7 दशक बाद मोदी सरकार की पहल पर नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था. इन चीतों को मध्य प्रदेश के श्योपुर में कूनो नेशनल पार्क में रखा गया है. अपने जन्मदिन के मौके पर इन चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाड़े में छोड़ा था.

इन सभी 8 चीतों ने भारतीय मौसम के हिसाब से खुद को ढाल लिया है. इन्हें अब छोटे बाड़ों से बड़े बाड़े में छोड़ दिया गया है जहां अब ये खुद भोजन के लिए जानवरों का शिकार करते हैं.
 

नामीबिया से लाए गए थे 8 चीते

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नामीबिया से लाए गए 8 में से तीन नर और पांच मादा हैं. सभी चीतों को चरणबद्ध तरीके से छोटे बाड़े से बड़े बाड़े में छोड़ दिया गया है जहां सभी चीते खुद से शिकार कर रहे हैं.

अब फरवरी महीने में इन्हें खुले जंगल में छोड़े जाने की संभावना है, जिसके बाद चीतों के दीदार का इंतजार भी खत्म हो जाएगा. अब दक्षिण अफ्रीका से 12 नए चीतों को लाने की तैयारियां भी चल रही है. 

विदेश से लाए गए इन 8 चीतो में से नर चीते और जुड़वां भाई एल्टन-फ्रेडी की तस्वीर बीते दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी. दोनों एक ही कंपार्टमेंट में रहते हैं. नामीबिया से आने के बाद सबसे पहले इन्हीं दो भाइयों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया था. इसके बाद से दोनों अपने बाड़े में मस्त हैं.

 

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