चीन भले सीमा पर शांति की बात करे, लेकिन असल स्थिति कुछ और ही है. आर्मी कमांडर ने इसपर चिंता जताते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन ने अपने अंदरूनी इलाकों में पेट्रोलिंग और गतिविधियों में इजाफा कर दिया है.
ईस्टर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने कहा कि सीमा पर चीनी सेना द्वारा पेट्रोलिंग और बाकी गतिविधियां जैसे ट्रेनिंग आदि में कुछ इजाफा देने को मिला है. पांडे ने यह भी कहा कि अगर आगे स्थिति बिगड़ती है तो इसके लिए भारतीय सेना पहले से प्लान के साथ तैयार है.
मनोज पांडे ने कहा, 'पिछला डेढ़ साल हमारे लिए चिंता का विषय रहा है. इसको लेकर ईस्टर्न कमांड ने किसी भी आकस्मिकता का जवाब देने के लिए तैयारियों का स्तर और क्षमता को बेहतर किया.'
इंटीग्रेटिड बैटल ग्रुप से मिलेगी मदद - ईस्टर्न आर्मी कमांडर
न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने बताया कि इंटीग्रेटिड बैटल ग्रुप (आईबीजी) नामक नई लड़ाकू संरचनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. इसमें पैदल सेना, तोपखाने, वायु रक्षा, टैंक और रसद इकाइयां शामिल होंगी. कमांडर ने बताया कि भारत ने कई कदम उठाए हैं और उनमें से सबसे अहम कदम रणनीतिक स्तर से लेकर सामरिक स्तर तक सभी निगरानी संसाधनों के तालमेल के जरिए वास्तविक नियंत्रण रेखा और अंदरूनी इलाकों के पास निगरानी गतिविधियां बढ़ाना है.
लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने आगे बताया कि भारतीय सेना ने सर्विलांस ड्रोन भी तैनात किए हैं जिनकी सर्विलांस रडार बेहतर है. इसके साथ-साथ संचार प्रणाली और बेहतर नाइट विजन की सुविधा भी है.