पाकिस्तान में बीते कई सालों से चीनी नागरिकों को निशाना बनाया जाता रहा है. हाल ही में हुए एक हमले में चीन के पांच इंजीनियर्स की मौत हो गई थी, जिसके बाद खबर है कि कई चीनी नागरिक पाकिस्तान छोड़ने की योजना बना रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दो टूक कह दिया है कि उनकी सरकार देश में रह रहे चीनी नागरिकों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
पाकिस्तान में बीते मंगलवार को खैबर पख्तूनख्वाह में हुए आत्मघाती हमले में चीन के पांच नागरिकों की मौत हो गई थी. दरअसल आत्मघाती हमलावर के वाहन ने चीन के इंजीनियर्स के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें चीन के पांच नागरिकों और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई थी.
शहबाज ने कोहिस्तान में दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट पर चीन के इंजीनियर्स और कामगारों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि पाकिस्तान की हुकूमत आपको और आपके परिवार को यहां बेहतर से बेहतर सुरक्षा मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
'चीन नागरिकों के हमलावरों को सबक सिखाया जाएगा'
उन्होंने 26 मार्च की इस घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने का ऐलान किया ताकि इसे एक सबक के तौर पर लिया जाए. उन्होंने कहा कि ताकि आगे से कई भी भविष्य में इस तरह का अपराध नहीं करे. बता दें कि चीनी नागरिकों पर हमले के संबंध में पुलिस ने घटना के मास्टरमाइंड सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया है.
इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन खैबर पख्तूनख्वाह आतंकवाद रोधी विभाग ने इस हमले के लिए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले को पाकिस्तान के दुश्मनों का काम बताते हुए कहा कि ये हमला उन लोगों की हरकत है, जो पाकिस्तान और चीन की दोस्ती को खराब करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते. क्योंकि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती वक्त के साथ-साथ तेजी से मजबूत हो रही है.
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि हमारे दुश्मन मुल्क पाकिस्तान और चीन की सदाबहार दोस्ती में दरार लाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे.
शहबाज ने कहा कि दोनों मुल्कों की दोस्ती को खराब करने की मंशा से निर्दोष चीनी नागरिकों की हत्या करना कायराना हरकत है. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना जताने के लिए चीनी दूतावास का दौरा किया था. और बताया था कि इस घटना की जांच के लिए एक संयुक्त जांच टीम तैयार की गई है, जो तय समय पर रिपोर्ट देगी.
हमले के बाद पाकिस्तान छोड़ने लगे चीनी इंजीनियर्स
पाकिस्तान में चीनी नागरिकों को काफी समय से निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में खबर है कि चीनी इंजीनियर्स पाकिस्तान छोड़कर अपने मुल्क लौटने की योजना बना रहे हैं. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले की वजह से चीन की कंपनियों ने पाकिस्तान की तीन महत्वपूर्ण पनबिजली परियोजनाओं डासू बांध, डायमर-बाशा बांध और तरबेला एक्सटेंशन पर काम रोक दिया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले ने चिंता बढ़ा दी है. हमले की वजह से बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बाधित होने के अलावा पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों का आत्मविश्वास भी टूटा है. कई चीनी नागरिक सुरक्षा चिंताओं की वजह से पाकिस्तान छोड़ना शुरू कर रहे हैं.
पाकिस्तान और चीन की लगातार मजबूत होती दोस्ती
पाकिस्तान और चीन के बीच 27 मार्च को उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक भी हुई थी, जिसमें सिक्योरिटी को लेकर प्रांतीय सरकारों के साथ बेहतर समन्वय पर चर्चा की. शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती लगातार आगे बढ़ेगी और इस दोस्ती को खराब करने वालों की पूरी तरह से हार होगी.
इस मौके पर पाकिस्तान में चीन के राजदूत जियांग जेडॉन्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज ने दूतावास का दौरा किया था और चीन के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया है. उन्होंने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया.
चीनी कामगारों को निशाना बना रहे हैं बलोच आतंकी
पिछले कई सालों से बलोच आतंकी चीनी नागरिकों को निशाना बनाते रहे हैं. अप्रैल 2022 में कराची के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के एक बस पर आतंकी हमला किया गया था, जिसमें तीन चीनी शिक्षकों और उनके स्थानीय ड्राइवर की मौत हो गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी भी बीएलए ने ली थी. अगस्त 2021 में भी ग्वादर में चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए थे.
जुलाई 2021 में भी आतंकवादियों ने पाकिस्तान में एक शटल बस को निशाना बनाया था जिसमें नौ चीनी नागरिकों और चार पाकिस्तानियों की मौत हो गई थी. अप्रैल 2021 में, बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में चीनी राजदूत की मेजबानी कर रहे एक होटल में कार बम विस्फोट हुआ था जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान ने ली थी.
2018 में बीएलए ने दक्षिण पाकिस्तान के कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया, जिसके दौरान दो पुलिस अधिकारी मारे गए. मई 2017 में मोटरसाइकिल पर सवार दो बंदूकधारियों ने चीनी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 10 श्रमिकों की हत्या कर दी थी. इस हमले की जिम्मेदारी बीएलए ने लेते हुए कहा था कि यह हमला उन्होंने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के विरोध में किया.