पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. चीनी सैनिकों ने एक बार फिर धोखे से भारतीय जवानों पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसे देश के जांबाजों ने नाकाम कर दिया. रेजांग ला के उत्तर में स्थित मुखपुरी में चीन के करीब 50 सैनिकों ने सोमवार को धारदार हथियारों से लैस होकर भारतीय क्षेत्र में चोटी पर कब्जा करने की कोशिश की थी. चीन ने इससे पहले 15 जून को भी गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर धोखे से हमला किया था.
आजतक के पास चीनी सैनिकों की वो तस्वीरें हैं, जिन्होंने सोमवार को लद्दाख के रेजांग ला क्षेत्र में भारतीय सैनिकों को हटाने का प्रयास किया था. तस्वीरों में हथियार, बंदूक के साथ चीन के सैनिक दिख रहे हैं.
Chinese troops in Rezangla area where the current faceoff is happening. See the barbaric weapons #IndiaChinaFaceOff pic.twitter.com/wLpfJ2FqZH
— Abhishek Bhalla (@AbhishekBhalla7) September 8, 2020
सोमवार की रात को चीनी सैनिकों ने LAC के पास एक फॉरवर्ड पोस्ट पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था. हथियारों के साथ चीनी सैनिकों की तस्वीर से साफ है कि वे भारतीय जांबाजों से कड़े जवाब की उम्मीद कर रहे थे, जो हमारे सैनिकों ने दिया भी.
सेना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि चीनी सैनिक हथियारों के साथ आए थे, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें अपने करीब नहीं आने दिया, क्योंकि इससे एक और हिंसक झड़प हो जाती और गलवान घाटी जैसी घटना फिर हो जाती.
क्या है मामला
दरअसल, सोमवार की शाम को चीन की ओर से लद्दाख सीमा में घुसपैठ की कोशिश की गई थी. भारतीय जवानों ने जब उन्हें रोका तो PLA के जवानों ने फायरिंग की. हवाई फायरिंग कर भारतीय सेना को डराने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना के जवानों ने संयम बरता और चीनी सैनिकों को वापस भेज दिया.
चीन ने लगाया आरोप
वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सोमवार की रात को भारतीय सेना के जवानों ने LAC को पार किया और वार्निंग शॉट दागे. जिसके बाद चीनी सेना ने इसका जवाब दिया. चीन ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने बीते वक्त में जो समझौते हुए हैं, उनका उल्लंघन किया है. भारत को ऐसे में तुरंत ही बॉर्डर से सेना को वापस हटाना चाहिए.