वक्फ संशोधन बिल पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस सांसद डॉक्टर सैयद नसीर हुसैन ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि, 'ये बिल पूरी तरह से फेक नैरेटिव पर आधारित है जिसके लिए पिछले कुछ महीनों से कोशिश की जा रही थी. ये बिल बीजेपी के लिए सिर्फ ध्रुवीकरण का टूल है. ये कह रहे हैं कि हम गरीब को ताकत देंगे, ट्रांसपैरेंसी देंगे. 10 साल से आप सत्ता में हैं, क्या किया. सेंट्रल वक्फ काउंसिल है, उसमें काउंसिल नहीं है, सिर्फ किरेन रिजिजू का नाम नजर आएगा.'
उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि, 'वक्फ बोर्ड के खिलाफ सबसे बड़ा भ्रम फैलाया गया है कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी जमीन घोषित कर देता था. क्या देश में रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं है, कानून नहीं है, कोर्ट नहीं है. हम ट्रेन में नमाज पढ़ते हैं तो क्या ट्रेन हमारी हो गई.'
देश को कर रहे हैं गुमराह
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा, 'बीजेपी शासित राज्यों में बोर्ड नहीं है. देश को गुमराह करने के लिए ये बातें यहां पर कर रहे हैं. जेपीसी में मैं भी सदस्य था. जब शुरू हुआ, एक्सपर्ट्स आने लगे तो 97 फीसदी लोगों ने बिल के खिलाफ बातें कीं. एक लाख आंकड़ा दे रहे हैं, सदन पटल पर रख दें कि कितने लोगों ने बिल का विरोध किया था. पहली बार जेपीसी में नॉन स्टेक होल्डर्स को बुलाया गया.'
उन्होंने कहा कि, कुछ तो ऐसे थे जो सांप्रदायिक बयान दे रहे थे. ये कह रहे हैं कि जेपीसी की सिफारिशों पर लाए हैं. इनसे पूछिए कि क्लॉज बाई क्लॉज डिस्कशन हुआ था. पहली बार बिना क्लॉज बाई क्लॉज सिफारिशें बुल्डोज करके ये बिल लेकर आए हैं. वो जेपीसी के नहीं, एनडीए के सांसदों की सिफारिशें हैं. जेपीसी गठित ही नहीं करना था. जेपीसी में भेजकर और वर्सन किया है. जितने संशोधन लाए हैं, संविधान के खिलाफ हैं. आप सिर्फ ये संदेश देना चाहते हैं कि एक समुदाय को हम दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रहेंगे.
दान का कॉन्सेप्ट हर मजहब में हैः नसीर हुसैन
अगर देश में हम खोदना शुरू कर दें तो किसके नीचे क्या मिलेगा, पता नहीं है. इसमें भी इसका प्रावधान कर दिया. रिजिजू जी ने वक्फ का मायना बताया, वक्फ का मायना दान है जो कोई भी किसी को भी कर सकता है. मोहम्मद साहब के जमाने में गैर मुसलमानों ने भी दान किए. दान का कॉन्सेप्ट हर मजहब में है.
हमारे यहां दान को रेग्युलेट करने के लिए वक्फ बोर्ड बना. इस देश में एसजीपीसी है, टेंपल ट्रस्ट हैं, आखिर ये क्यों भ्रम फैला रहे हैं. अंग्रेजों को जमाने में वक्फ एक्ट आया था जिसमें सुधार करने के लिए कई संशोधन आए. कांग्रेस के जमाने में जो संशोधन आए थे, उसमें पूरा सहयोग और सपोर्ट इनका था.
वक्फ को लेकर भ्रम फैलाया गया
वक्फ बोर्ड के खिलाफ सबसे बड़ा भ्रम फैलाया गया है कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी जमीन घोषित कर देता था. क्या देश में रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं है, कानून नहीं है, कोर्ट नहीं है. हम ट्रेन में नमाज पढ़ते हैं तो क्या ट्रेन हमारी हो गई. उन्होंने कहा कि वक्फ को लेकर किए जा रहे दावे गलत हैं. कहा जा रहा है कि आप कोर्ट नहीं जा सकते, कोर्ट जा सकते हैं. बिल्कुल जा सकते हैं कोर्ट. हाईकोर्ट है, सुप्रीम कोर्ट है.