पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. ममता बनर्जी ने इसे 'एंटी-पीपल ट्रैक्सेशन पॉलिसी' करार देते हुए वापस लेने की मांग की है.
जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी वापस लेने की मांग
पत्र में ममता बनर्जी ने लिखा, 'बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है. यह अतिरिक्त बोझ कई व्यक्तियों के लिए नई पॉलिसी लेने या उनके मौजूदा बीमा कवरेज को जारी रखने में बाधा बन सकता है, जिससे वे अप्रत्याशित वित्तीय संकट में पड़ सकते हैं.' ममता बनर्जी ने इसे 'एंटी-पीपल ट्रैक्सेशन पॉलिसी' करार देते हुए केंद्र सरकार से जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी वापस लेने की मांग की.
ममता बनर्जी ने लगाया था माइक बंद करने का आरोप
पिछले हफ्ते ममता बनर्जी नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 9वीं बैठक में शामिल हुई थीं. उन्होंने यह आरोप लगाते हुए बैठक बीच में ही छोड़ दी थी कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया और पांच मिनट में ही माइक बंद कर दिया गया.
ममता के आरोपों को खारिज करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा था कि 'सीएम ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं. हम सभी ने उन्हें सुना. हर मुख्यमंत्री को अलॉट किया हुआ समय दिया गया जो हर टेबल पर लगी स्क्रीन पर दिखाई दे रहा था. उन्होंने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया था. यह पूरी तरह से झूठ है'.