आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी कल सोमवार को 'वाईएसआर जल कल स्कीम' की शुरुआत करेंगे, जिसके तहत राज्य के जरूरतमंद किसानों के लिए मुफ्त में बोरवेल ड्रिल की व्यवस्था कराई जाएगी.
राज्य सरकार का दावा है कि 'वाईएसआर जल कल स्कीम' से लगभग तीन लाख किसान लाभान्वित होंगे और चार साल में 2,340 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ खेती के तहत पांच लाख एकड़ जमीन को शामिल किया जाएगा.
राज्य सरकार की किसानों और उन क्षेत्रों में भूजल सिंचाई को सक्षम बनाने के लिए लगभग दो लाख बोरवेल की ड्रिलिंग की योजना है, जो शुष्क क्षेत्र हैं और वहां पर पानी की उपलब्धता कम है.
2.5 से 5 एकड़ की भूमि वाले किसान या किसानों का समूह 'वाईएसआर जल कल स्कीम' के लिए या तो ऑनलाइन या ग्राम सचिवालय के माध्यम से आवेदन कर सकता है, जिसकी हाइड्रो-जियोलॉजिकल और जियोफिजिकल सर्वे के बाद जांच की जाएगी.
हर संसदीय क्षेत्र में ड्रिलिंग के लिए एक एजेंसी को ही अनुमति दी जाएगी, जिनकी पहचान पहले से कर ली जाएगी. बोर के लिए ड्रिलिंग का काम वाटर लेवल के आधार पर उसकी व्यवहार्यता को देखते हुए शुरू किया जाएगा.
राज्य सरकार ने कार्यक्रम की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन भी विकसित किया है और आवेदक को उसकी स्थिति के बारे में संदेश भेजेगा.
बता दें कि इस कार्यक्रम की घोषणा वाईएस जगन ने अपने चुनाव पूर्व 3,648 किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान की थी, और यह उनके 'नवरत्नालु' के चुनावी वादे का हिस्सा है.