प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीती रात अचानक से नई दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए संसद भवन के निर्माण स्थल पहुंच गए थे. पीएम मोदी तकरीबन एक घंटे तक वहीं रुके और निर्माण कार्य से संबंधित जानकारियां लीं. अब विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर निशाना साधा है. कांग्रेस और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पर प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किए हैं. कांग्रेस ने कहा है कि इससे बेहतर होता कि पीएम मोदी कुछ समय निकाल कर किसानों से मिल लेते.
कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, ''पीएम सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने गए थे. इससे अच्छा होता कि यदि वह कुछ समय निकाल लेते और किसानों से मिल लेते. बेहतर होता कि वह कोरोना पीड़ित परिवारों के पास जाकर उनसे भी संवेदना प्रकट करते.'' कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के बारे में जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह ज्यादा अच्छा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेंट्रल विस्टा की जगह ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण करते और देखते कि हम आगे तीसरी लहर को लेकर कितने तैयार हैं. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी तंज कसते हुए कहा कि मुझे आश्चर्य होता कि यदि उनके पास अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट जाने का समय होता.
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए नेताओं को चीयरलीडर तक बता दिया. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वह सिर्फ अपनी कुर्सी बचा रहे हैं. किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि आम आदमी को कोई भी तकलीफ नहीं हुई है. किसान अन्नदाता है और उनके साथ बीजेपी ने जिस प्रकार का व्यवहार किया है, उससे पूरे देश में नाराजगी है.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के सेंट्रल विस्टा की कंस्ट्रक्शन साइट पर जाने को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि संसद प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकार क्षेत्र नहीं है. वह (पीएम मोदी) लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बिना वहां क्यों थे? क्या स्पीकर ने उन्हें अनुमति दी थी? यह शक्तियों के सिद्धांत का उल्लंघन करता है, जो संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है. शायद यह उनके अमेरिकी दौरे से जेट लैग था. वहां एएम था, लेकिन पीएम यहां थे.