कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के बीच बजरंगवली को लेकर काफी बयानबाजी हुई थी. कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में घोषणा की थी कि अगर राज्य में उसकी सरकार बनती है तो बजरंग दल पर बैन लगा दिया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इसे देश विरोधी संगठन करार दिया था. अब संगरूर जिला अदालत ने खड़गे को मानहानि का समन भेजा है.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में बजरंग दल की तुलना देश विरोधी संगठन सिम्मी और अलकायदा के साथ की थी. इसके साथ ही कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता में आने पर बजरंग दल पर पाबंदी लगाने की बात भी कही थी. खड़गे के खिलाफ बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने उन्हें समन भेजा है.
खड़गे के खिलाफ 100 करोड़ का मानहानि केस
कांग्रेस की इस घोषणा के विरोध में हिंदू सुरक्षा परिषद और बजरंग दल हिंद के संस्थापक हितेश भारद्वाज ने संगरूर कोर्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. इस मामले में संगरूर के सीनियर डिवीजन जज रमनदीप कौर ने मल्लिकार्जुन को सम्मन भेजा है. कोर्ट ने कांग्रेस चीफ को 10 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है. वहीं आज इस मामले में हितेश भारद्वाज की तरफ से संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी.
दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने ये संकल्प लिया: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा में इसको लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हनुमानजी को कैद करना चाहती है. पीएम मोदी ने कहा, "ये दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने हनुमानजी को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है. पहले श्री राम को ताले में बंद किया था."