कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरुनी कलह धीरे-धीरे खुलकर सामने आ रही है. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस द्वारा पार्टी के बड़े नेता जितिन प्रसाद पर निशाना साधने की आलोचना की है. सिब्बल ने कहा कि जितिन प्रसाद को निशाना बना दुर्भाग्यपूर्ण है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितिन प्रसाद को कांग्रेस में आधिकारिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है, कांग्रेस को बीजेपी पर सर्जिकल स्ट्राइक की बजाय अपनी ही पार्टी के नेता पर निशाना बनाने में मेहनत करनी पड़ रही है.' जितिन प्रसाद उन 23 नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी.
Unfortunate that Jitin Prasada is being officially targeted in UP
— Kapil Sibal (@KapilSibal) August 27, 2020
Congress needs to target the BJP with surgical strikes instead wasting its energy by targeting its own
इसी चिट्ठी के बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार को कांग्रेस दो फाड़ होती दिखाई दी, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के खिलाफ पार्टी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी हुई. यही नहीं प्रसाद को पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव भी पास किया गया.
कांग्रेस कार्यालय में लखीमपुर खीरी लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद जफर अली नकवी गुट के लोगों की ओर से धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के खिलाफ पार्टी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की.
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिस वक्त सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती थीं, उस वक्त कांग्रेस के जिन 23 नेताओं ने गांधी-नेहरू परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कांग्रेस पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी-नेहरू परिवार का ना हो बल्कि और कोई हो, उसमें जितिन प्रसाद के भी हस्ताक्षर थे, इसको लेकर ही जितिन प्रसाद के खिलाफ प्रदर्शन किया गया.