देश में कोरोना वायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोना संकट के बीच संसद का सत्र 14 सितंबर से शुरू होने वाला है. इस बीच कांग्रेस ने संसद में पार्टी के समन्वय और कामकाज के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है. वहीं गौरव गोगोई को लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता के तौर पर नियुक्त किया गया है.
संसद के मॉनसून सत्र के पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने संसदीय दल में कुछ फेरबदल किए हैं. खुद अंदरूनी कलह से जूझ रही कांग्रेस अब तमाम लंबित और खाली पड़े पदों को भरने में लगी है. जाहिर है कि चिट्ठी बम के बाद मॉनसून सत्र में वह अपने विरोधी दलों के बीच कमजोर नजर नहीं आना चाहती.
यही वजह है कि राज्यसभा और लोकसभा में संयोजन के लिए उसने 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है. अपर हाउस में इस कमेटी में चिट्ठी अभियान को लीड करने वाले नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और उपनेता आनंद शर्मा के साथ-साथ राहुल गांधी के विश्वासपात्र केसी वेणुगोपाल और सोनिया गांधी के पूर्व राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल हैं. उसके साथ-साथ जयराम रमेश को राज्यसभा का व्हिप बनाया गया है. यह कमेटी पार्टी की नीतियों और तमाम मसलों पर पार्टी का स्टैंड तय करेगी.
रवनीत सिंह बिट्टू पार्टी व्हिप
वहीं लोकसभा में वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले मनीष तिवारी और शशि थरूर को दरकिनार करके गौरव गोगोई को लोकसभा के उपनेता का पद मिला है. पांच सदस्यीय कमेटी में लोकसभा के लिए अधीर रंजन चौधरी, के सुरेश, गौरव गोगोई, रवनीत सिंह बिट्टू और मणिकम टैगोर शामिल हैं. लोकसभा में रवनीत सिंह बिट्टू को पार्टी व्हिप की भूमिका सौंपी गई है. इससे पहले निचले सदन में गौरव गोगोई के पास पार्टी व्हिप की भूमिका थी.
नई नियुक्ति होने के साथ ही शशि थरूर ने पहली बारी ट्वीट करके चिट्ठी बम के बाद हुई आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि जब सोनिया गांधी ने कहा कि यह मसला बीत गया तो हमें अभी से इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए और पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए.
I’ve been silent for 4 days on recent events in @incIndia because once the CongressPresident says the issue is behind us, it is the duty of all of us to work together constructively in the interests of the Party. I urge all my colleagues to uphold this principle & end the debate.
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 27, 2020
वहीं गुलाम नबी आजाद ने एक एजेंसी को लंबा चौड़ा इंटरव्यू दिया. जिसमें उन्होंने बताया कि जिस तरह की बातें उनको लेकर कही गई हैं उसको लेकर वह आहत हैं. जो कदम उठाया वह कोई बगावती तेवर नहीं था बल्कि पार्टी के हित में उठाया गया कदम था. लगभग 40 साल पार्टी में अपनी सेवा दी हैं. कभी भी पार्टी को नुकसान पहुंचाने का नहीं सोच सकता.
चिट्ठी किसी के खिलाफ नहीं
उन्होंने कहा, 'अगर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना है तो उसके लिए मजबूत नींव रखनी होगी. जो मुझे नहीं जानते वह ऐसा कह रहे हैं. वह चिट्ठी पर ही हर चीज का विरोध कर रहे हैं. मैंने 1977 से पार्टी के लिए संघर्ष किया है. मैं पांच प्रधानमंत्रियों के साथ काम कर चुका हूं. जनरल सेक्रेटरी के पद के साथ ही कई पार्टी अध्यक्षों के नेतृत्व में मैंने अलग-अलग राज्यों की कमान संभाली. यह चिट्ठी किसी के खिलाफ नहीं बल्कि पार्टी को और मजबूत करने के लिए है'.
संसद सत्र
बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते इस बार मानसून सत्र लगभग 40 दिन की देरी से शुरू हो रहा है. संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से एक अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 18 सीटिंग होगी. इस बार शनिवार और रविवार को भी संसद की कार्यवाही चलेगी.