कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मस्जिदें गिराई जाएंगी और मंदिर बनाए जाएंगे. उनके इस बयान के बाद बवाल मचना तय है. कांग्रेस नेताओं ने अभी उनके बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ईश्वरप्पा ने कहा, 'जैसा अयोध्या हुआ है, वैसे ही काशी विश्वनाथ मंदिर भी होगा और वैसे ही मथुरा श्रीकृष्ण मंदिर भी होगा. जहां-जहां मुगलों ने मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई हैं, उन सभी जगहों पर आज या कल हम सभी मस्जिदें तोड़ देंगे और मंदिर आ जाएंगे.' हावेरी में मौजूद ईश्वरप्पा का दावा है कि कर्नाटक में मुसलमानों की वजह से कांग्रेस सत्ता में आई.
ईश्वरप्पा यहीं नहीं रूके, उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को हिंदू धर्म से नफरत है, मुसलमान उनके लिए ससुराल परिवार की तरह हैं. अगर मुसलमान न होते तो कांग्रेस अब तक ख़त्म हो गयी होती. मुसलमानों की वजह से कांग्रेस आज भी कर्नाटक में अपना अस्तित्व बचाने के लिए जोर लगा रही है.
केएस ईश्वरप्पा की गिनती कर्नाटक में बीजेपी से बड़े नेताओं में होती है. कर्नाटक में हुए हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होने से पहले ही चुनावी सन्यास लेने का ऐलान कर दिया था. ईश्वरप्पा कर्नाटक सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं.उनके ऊपर ठेकेदार संतोष पाटिल को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगा था जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देना पड़ा था।
ईश्वरप्पा का जन्म 10 जून 1948 को बेल्लारी जिले में हुआ था. 1950 के दशक में उनका परिवार बेल्लारी से शिमोगा आ गया. उनके पिता एक मंडी में दिहाड़ी मजदूरी का काम किया करते थे. परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए ईश्वरप्पा ने भी काम में हाथ बंटाना शुरू किया, जिसका उनकी मां ने विरोध किया. उनकी मां ने विरोध किया. उनकी मां ने उन्हें काम की बजाय पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. छात्र जीवन में ईश्वरप्पा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए. शिमोगा में कॉलेज की पढ़ाई करते हुए वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में एक्टिव रहे. ग्रेजुएशन करने के बाद ईश्वरप्पा ने अपना खुद का कारोबार भी शुरू किया.
आपातकाल के दौरान जेल जा चुके ईश्वरप्पा शिमोगा से 5 बार के विधायकरह चुके हैं. 2006-07 में जब कर्नाटक में बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) की साझा सरकार बनी, तो उन्हें मंत्री बनाया गया. फिर 2008 में राज्य में बीजेपी की जीत के बाद बीएस येदियुरप्पा की सरकार में बिजली मंत्री बनाए गए. इसके बाद 2012 से 2013 में जगदीश शेट्टार की सरकार में डिप्टी सीएम बने.