लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा था कि अगर 'बम बनाने वाले' उनका समर्थन कर रहे हैं, तो वह 'नंबर वन आतंकवादी' हैं. रेल राज्य मंत्री बिट्टू ने ये टिप्पणी बिहार के भागलपुर में की. उनके इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मोदी सरकार में मंत्री बनने के लिए न्यूनतम योग्यता, खास तौर पर रीढ़विहीन कांग्रेसी दलबदलुओं के लिए राहुल गांधी पर निचले स्तर के व्यक्तिगत हमले करना है. इतना ही नहीं, इससे यह भी पता चलता है कि इन भाजपा नेताओं के दिलों में कितनी नफरत और तिरस्कार है और विपक्ष का वे कितना कम सम्मान करते हैं.
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र तभी काम कर सकता है, जब राजनीतिक दलों के बीच बुनियादी सम्मान हो और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को व्यक्तिगत दुश्मन नहीं, बल्कि वैचारिक विरोधी माना जाए, यह रवनीत बिट्टू बोल रहे हैं, लेकिन ये प्रधानमंत्री के शब्द हैं.
वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह एक मूर्खतापूर्ण टिप्पणी है. बिट्टू पहले राहुल गांधी के पीछे थे और अब वह इस तरह के बयान देकर इतने निचले स्तर पर चाटुकारिता दिखा रहे हैं. इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि लोग देश के लिए गांधी परिवार के योगदान के बारे में जानते हैं. बिट्टू ने जो कुछ भी कहा है वह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. बिट्टू खुद कभी कांग्रेस में थे. उनके पिता भी कांग्रेसी थे. राहुल गांधी के खिलाफ उनकी टिप्पणी बेहद निंदनीय है.
क्या कहा था रवनीत बिट्टू ने?
पीटीआई के मुताबिक बिट्टू ने कहा था कि राहुल गांधी अपना अधिकांश समय देश से बाहर बिताते हैं. उनके दोस्त और परिवार वहीं रहते हैं. मुझे लगता है कि वह अपने देश से ज्यादा प्यार नहीं करते, क्योंकि वह विदेश जाते हैं और भारत के बारे में नकारात्मक बातें करते हैं. मुझे लगता है कि वह हिंदुस्तानी नहीं है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें अलगाववादियों का समर्थन मिल गया है, जो हमेशा देश को बांटने की बात करते हैं. वे (अलगाववादी) और मोस्ट वांटेड लोग भी सिखों के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणी की सराहना कर रहे हैं. जब ऐसे लोग, जो बम बनाने में भी माहिर हैं, राहुल गांधी का समर्थन कर रहे हैं, तो वह देश के नंबर एक आतंकवादी हैं. वह अलगाववादियों की तरह बात कर रहे हैं. उन्हें पकड़ने के लिए इनाम दिया जाना चाहिए. बिट्टू ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने पहले मुसलमानों का "उपयोग" करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, इसलिए अब वह सिखों को बांटने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ओबीसी और अन्य जातियों की बात करते हैं. विपक्ष के नेता होने के बाद भी वह मोची, बढ़ई या मैकेनिक का दर्द नहीं समझ पाए हैं. यह एक मजाक है.