पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत बाद से सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राष्ट्रीय राजनीति में कद और बढ़ गया है. चर्चाएं तेज हैं कि ममता बनर्जी को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष का चेहरा बनाया जाना चाहिए. इसी कड़ी में आजतक के कार्यक्रम सीधी बात में पत्रकार प्रभु चावला ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी कुछ ऐसा ही सवाल पूछा.
प्रभु चावला ने उनसे सवाल किया कि, आपने कहा कि ममता जी काफी आक्रामक नेता हैं. आपने उनकी तारीफ की. आपको क्या लगता है कि ममता बनर्जी को विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए लीडरशिप देनी चाहिए? इस पर कमलनाथ ने जवाब दिया कि आज यूपीए को बैठकर फैसला करना पड़ेगा. सोनिया जी भी ममता जी से बात करें. सोनिया जी भी जानती हैं कि क्या स्थिति है. आज किसी ने अपनी आंखें नहीं बंद की है.
प्रभु चावला ने सवाल किया कि क्या आपको नहीं लगता कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के बावजूद आप अपना काम करने में विफल रहे हैं.कोविड में विपक्ष का जो कॉपरेशन होना चाहिए था वो नहीं है? इस पर कमलनाथ ने कहा कि हम प्रशासन नहीं है, हम गवर्मेंट नहीं हैं. हम क्या कॉपरेशन करेंगे. मध्य प्रदेश के संदर्भ में कहूं या फिर देश के संदर्भ में कहूं आज देश, प्रशासन सरकार भरोसे नहीं है भगवान भरोसे है. अस्ताप के लिए लाइन, बेड के लिए लाइन, ऑक्सीजन के लिए लाइन, श्मशान, कब्रिस्तान के लिए लाइन और आप कह रहे हैं कि हम कॉपरेट नहीं कर रहे हैं.
कमलनाथ ने इंटरव्यू के दौरान मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह पर राज्य में कोरोना टेस्ट ना करने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि एमपी में मरीजों की कोरोना की जांच नहीं हो रही है ना ही एमपी में टेस्टिंग किट है. उन्होंने कहा कि मैं मध्य प्रदेश के एक अस्पताल का या स्वास्थ्य केंद्र का नाम जानना चाहता हूं, जहां ऑक्सीजन भी हों, इंजेक्शन भी हों. डॉक्टर भी हों, बेड भीं एंबुलेंस भी हों. पिछले 15 दिन से मैं ये पूछ रहा हूं.
इंटरव्यू के दौरान कमलनाथ ने हाल ही में संपन्न हुए अलग-अलग राज्य में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन की जरूरत है और पार्टी के संगठन को एक नए नजरिए से देखनी आवश्यकता है. मुझे विश्वास है कि सोनिया जी इसपर चर्चा करेंगी और एक निचोड़ निकलकर सामने आएगा.