मणिपुर में बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य में सियासी हलचल बढ़ गई है. इसी बीच, कांग्रेस ने
संविधान के अनुच्छेद 174(1) का हवाला देते हुए कहा कि मणिपुर के राज्यपाल संविधान द्वारा अनिवार्य रूप से निर्धारित विधानसभा सत्र के लिए मणिपुर विधानसभा को क्यों नहीं बुला रहे हैं? जबकि इस अनुच्छेद के अनुसार, दो विधानसभा सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता है.
कांग्रेस ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आज मणिपुर विधानसभा के संवैधानिक रूप से अनिवार्य सत्र की आखिरी तारीख है. उन्होंने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत यह स्पष्ट है कि विधानसभा सत्र के अंतिम सत्र और अगले सत्र के पहले सत्र के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता."
रमेश ने राज्यपाल से पूछा, "मणिपुर राज्यपाल अनुच्छेद 174(1) का उल्लंघन क्यों कर रहे हैं और मणिपुर विधानसभा को संवैधानिक रूप से निर्धारित सत्र के लिए क्यों नहीं बुला रहे हैं?" बता दें कि इस सत्र से पहले ही राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे से पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस सीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है.
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बीरेन सिंह पर लगाए ये आरोप
जयराम रमेश ने बीरेन सिंह के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने स्थिति को भांप लिया था. वो जानते थे कि उनरी सरकार गिर जाएगी. जबकि उनके इस्तीफे की मांग कांग्रेस लंबे समय से कर रही है. बता दें कि मणिपुर में पिछले 20 महीने से हिंसा जारी है. इस हिंसा के चलते हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है और 200 से अधिक लोगों की जान गई है.