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पंजाब कांग्रेस में कलह, दिल्ली में पार्टी पैनल से मिले सिद्धू, कहा- सत्य प्रताड़ित हो सकता है, पराजित नहीं

पंजाब कांग्रेस में जारी हलचल के बीच मंगलवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली में पार्टी के पैनल से मुलाकात की. हाई कमान द्वारा बनाए गए इस पैनल से पंजाब कांग्रेस के सभी नेता मिल रहे हैं और अपनी बातों को रख रहे हैं.

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कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (फोटो: PTI)
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक ना होने की शंका
  • दिल्ली में कांग्रेस पैनल से मिले सिद्धू

कोरोना संकट काल के बीच पंजाब की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है. पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ने सभी विधायकों, मंत्रियों और राज्य के नेताओं को दिल्ली बुलाया है. इसी कड़ी में मंगलवार को कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली में हाई कमान द्वारा बनाए गए पैनल से मुलाकात की. 

नवजोत सिंह सिद्धू ने इस मुलाकात के बाद कहा कि मैं हाई कमान के बुलावे पर यहां आया हूं, पंजाब के लोगों की आवाज़ पहुंचाने आया हूं. मैंने पंजाब के सच और हक की आवाज़ मैंने हाई कमान को बताई है. 

सिद्धू ने कहा कि मेरा स्टैंड है कि पंजाब के लोगों की लोकतांत्रिक ताकत है, वो उन्हें मिलनी चाहिए. जो सत्य है, मैं उसे पूरी तरह प्रशस्त करके आया हूं. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता है, हमें पंजाब को जिताना है. सिद्धू ने कहा कि हर पंजाब विरोधी ताकत हारेगी.

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हाईकमान के निर्देश पर मिल रहा है पैनल
आपको बता दें कि पंजाब कांग्रेस में अनबन की खबरों के बीच कांग्रेस हाईकमान ने एक पैनल का गठन किया. इसमें तीन सदस्य शामिल हैं, जिनकी अगुवाई हरीश रावत कर रहे हैं. बीते दिन करीब दो दर्जन विधायकों को दिल्ली बुलाया गया और हर किसी से इस पैनल ने चर्चा की. 

अब मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू, कांग्रेस नेता परगट सिंह और अन्य नेताओं ने पैनल से मुलाकात की. इस हफ्ते के आखिर में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पैनल के सामने अपनी बात रखेंगे. 

आपको बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. लेकिन उससे पहले ही दो दर्जन से अधिक विधायकों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बागी तेवर दिखाने शुरू कर दिए. सरकार और संगठन में जारी तकरार को रोकने के लिए आलाकमान को कदम उठाने पड़े. 

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