वक्फ संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश हो रहा है. इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट हैं जबकि INDIA ब्लॉक इसके विरोध में है. सदन में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में हमें ये कानून दे दीजिए.
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में हमारे अधिकारों के संरक्षण का काम किया. वक्फ बिल लाकर, जिन्होंने इसे ड्राफ्ट किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. अपनी हैसियत के हिसाब से मुसलमान अल्लाह की राह में वक्फ करता है. वक्फ को मुसलमान जानता है, समझता है, इसकी जरूरत को पहचानता है. इसका सारा प्रबंधन तो सरकारों के ही हाथ में है. जेडीयू, टीडीपी और अन्य दल कहते हैं कि हमने वक्फ बाई यूजर को खत्म कराने का काम कर दिया. धारा 3 को हटा दिया गया जिसमें वक्फ बाई यूजर था. लेकिन क्या शामिल किया गया, वह बता रहा हूं.
कांग्रेस सांसद ने सरकार पर साधा निशाना
इमरान मसूद ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने यह बताया कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिनपर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा समाप्त हो जाएगा. यूपी में 14 हजार में से 11500 एकड़ लैंड को सरकारी घोषित कर दिया गया है जिनमें मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान हैं.
उन्होंने कहा, 'आप कहते हैं कि वक्फ बाई यूजर खत्म करा दिया. इतना बड़ा हथियार दे दिया कि जाइए लड़ते रहिए. कर्नाटक के अंदर एक लाख 11 हजार एकड़ जमीन वक्फ की थी जिसमें 19 हजार और 20 हजार एकड़ जमीन मुतवल्ली ने अपने परिवारों में बांट लिया. सरकारें बीजेपी और कांग्रेस, दोनों की रहीं. दोनों ने नोटिस जारी किए लेकिन जेपीसी में हंगामा. वहां कुछ नहीं मिला. ये विवाद वाली स्थिति में आपने डेजिग्नेटेड ऑफिसर का प्रावधान किया लेकिन ये नहीं लिखा कि कब तक तय करेगा.'
'दूसरे धर्म के ट्रस्ट में गैर धर्म के लोगों को शामिल होने देंगे?'
कांग्रेस सांसद ने कहा, '22 में से 10 मुसलमान होंगे, सही है लेकिन 12 सदस्य गैर मुस्लिम हो जाएंगे. पूरा बहुमत गैर मुस्लिमों का हो जाएगा. दूसरे धर्म के ट्रस्ट में गैर धर्म के लोगों को शामिल होने की अनुमति देंगे, नहीं देंगे. काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष जिलाधिकारी पदेन है लेकिन लिखा है कि गैर हिंदू होगा तो उसके नीचे का अधिकारी अध्यक्ष होगा. अब आपने वक्फ प्रॉपर्टी पर मुकदमों के लिए रास्ता खोल दिया. आपने जो कब्जा करने वाले लोग हैं, उसे गैर जमानती से जमानती कर दिया.'
उन्होंने कहा, 'एक संस्था बता दीजिए जो धार्मिक हो और लिमिटेशन एक्ट न हो. हमारे ऊपर से हटा रहे हैं. आपकी नजर सबकी जमीन और पैसे पर है. वामसी पोर्टल पर दर्ज प्रॉपर्टी एक ही की तीन-तीन, चार-चार बना दीं और जो काम आप 10 साल में नहीं कर सके. आप कह रहे हैं कि छह महीने के भीतर सारी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करा लेना. इस समय में नहीं हुआ तो ये संपत्ति वक्फ की नहीं बचेगी. ये पूरी तरह से संविधान विरोधी कानून है. अनुच्छेद 14, 16 और 25 का उल्लंघन करने का काम ये कानून करता है.'
'सौगात-ए-मोदी में हमें ये कानून दे दीजिए'
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'आप किस तरह से तय करेंगे कि कौन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम है. उसका पैमाना क्या होगा. आपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण करने का काम किया है. अभी हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में ये कानून दे दीजिए. ये जो गोलियां सीने पर लगती हैं, इन्हें बंद करा दीजिए.'