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JEE-NEET परीक्षा करवाने के विरोध में कांग्रेस, 28 अगस्त को करेगी देशव्यापी प्रदर्शन

नीट और जेईई परीक्षा कोरोना संकट के वक्त करवाए जाने का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है. ऐसे में अब कांग्रेस 28 अगस्त शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी.

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सोनिया गांधी (फाइल फोटो- पीटीआई)
सोनिया गांधी (फाइल फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश में कोरोना वायरस का संकट
  • सितंबर में जेईई-नीट की परीक्षा
  • कांग्रेस कर रही परीक्षा का विरोध

देश में कोरोना वायरस का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. हर रोज कोरोना के नए संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं. इस बीच देश में अब नीट और जेईई की परीक्षा सितंबर में होने वाली है. हालांकि कोरोना महामारी के बीच इन परीक्षाओं को करवाए जाने का विरोध भी देखने को मिल रहा है. इसको लेकर अब कांग्रेस देशव्यापी प्रदर्शन करने वाली है.

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कांग्रेस के जरिए नीट और जेईई परीक्षा कोरोना संकट के वक्त करवाए जाने का विरोध किया जा रहा है. ऐसे में अब कांग्रेस 28 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस 28 तारीख को राज्य और जिला मुख्यालयों पर केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने सुबह 11 बजे से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी.

इतना ही नहीं, कांग्रेस के जरिए विरोध के लिए ऑनलाइन अभियान भी चलाया जाएगा. सोशल मीडिया पर 28 तारीख को ही कांग्रेस की ओर से राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन अभियान #SpeakUpForStudentSaftey चलाया जाएगा. उसी दिन सुबह 10 बजे से वीडियो, पोस्ट के माध्यम से विरोध किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीट और जेईई परीक्षा को लेकर सात गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई. इस बैठक में शामिल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कोरोना काल में नीट और जेईई की परीक्षा टालने की मांग की. जिसके बाद इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने तय किया है कि वे सितंबर में प्रस्तावित नीट और जेईई परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

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मोदी सरकार पर हमला

वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि जेईई और नीट की आगामी परीक्षाओं में 25 लाख छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है. देश भर में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. जिद्दी मोदी सरकार उनकी शिकायतों को सुनने, उन पर विचार करने और सभी के लिए स्वीकार्य समाधान खोजने से इनकार क्यों कर रही है?

सुरजेवाला ने कहा, 'क्या मोदी सरकार इस बात की गारंटी देगी कि परीक्षा के दौरान जेईई, नीट का कोई भी छात्र कोविड संक्रमण से ग्रस्त नहीं होगा? कौन-कौन सी सुरक्षा सावधानियां और प्रोटोकॉल रखे गए हैं? कौन देखेगा कि दिशानिर्देश और प्रोटोकॉल एक खाली कागजी औपचारिकता नहीं बन गए है?'

रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है, 'बाढ़ प्रभावित बिहार, असम के छात्रों के जरिए जेईई, नीट परीक्षा देने के बारे में क्या व्यवस्था है? क्या नीट परीक्षा के लिए बिहार राज्य में केवल 2 केंद्र स्थापित किए गए हैं? क्या इसका मतलब बिहार के छात्रों को अवसर से वंचित करना नहीं है?'

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश भर में ट्रांसपोर्ट या तो शुरू नहीं हुआ है या सामान्य नहीं हुआ है. पूर्ण सुरक्षा और वापसी के साथ जेईई, नीट छात्र गंतव्य पर कैसे पहुंचेंगे? उनके ठहरने आदि की क्या व्यवस्था की गई है? क्या मोदी सरकार ने छात्रों को बगैर सोचे समझे अधर में छोड़ दिया है?

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