भारत-चीन के बीच सीमा पर गतिरोध खत्म करने की प्रक्रिया यानी कि डिसएंगेजमेंट प्रोसेस शुरू हो चुका है. इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया. कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के बयान पर सवाल उठाए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बयान जारी कर सरकार से 8 सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा कि 'मोदी सरकार 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और भारत की 'क्षेत्रीय अखंडता' के साथ समझौता कर रही है. पूर्वी लद्दाख में चीनी घटनाओं पर राज्यसभा में आज रक्षा मंत्री के बयान से यह स्पष्ट है.' पीएम मोदी तो 'चीन' शब्द का नाम तक नहीं लेते.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देश को यह नहीं बता रहे कि कब तक अप्रैल, 2020 से पहले की यथास्थिति की बहाली हो जाएगी. याद रहे कि अप्रैल, 2020 ही वो महीना है, जब चीन ने हमारी सीमा में लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ का दुस्साहस किया था.
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने लगातार यह कहा है कि भारत चीन के बीच बातचीत का आधार लद्दाख के सभी क्षेत्रों से चीनी सेना की वापसी होगा. क्या मोदी सरकार जवाब देगी कि वो केवल पैंगोंग लेक इलाके से ही ‘डिसएंगेजमेंट’ का समझौता क्यों कर रही है?
बकौल सुरजेवाला, दशकों से पैंगोंग लेक इलाके के उत्तरी किनारे पर भारत का फिंगर 4 तक कब्जा है. भारतीय सेना फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करती आई है. भारत ने हमेशा फिंगर 8 को भारत और चीन के बीच LAC माना है. लेकिन आज रक्षा मंत्री के बयान के मुताबिक भारतीय सेना अब फिंगर 3 तक सीमित हो जाएगी.
रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक, चीनी घुसपैठ के बावजूद भारतीय सेना ने सराहनीय बहादुरी व शौर्य दिखा पैंगोंग लेक इलाके के दक्षिण बैंक में ‘कैलाश रेंजेस’ में सामरिक चोटियों पर अपनी मौजूदगी बना रखी है. रक्षा मंत्री के आज के बयान के बाद लगता है कि अब हमारी सेना को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘कैलाश रेंजेस’ के इन महत्वपूर्ण स्थानों से वापसी करनी होगी.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण व उकसाने वाली चीनी घुसपैठ ‘डेपसांग प्लेंस’ में की गई है. सुरजेवाला ने दावा किया कि चीन ने LAC के 18 किलोमीटर अंदर तक ‘वाई जंक्शन’ तक (बोटलनेक) तक घुसपैठ कर रखी है. साथ ही भारतीय सेनाओं को पेट्रोलिंग पॉइंट PP-10, PP-11, PP-11A, PP-12 एवं PP-13 तक रोक रखा है. इसके चलते महत्वपूर्ण दौलतबेग ओल्डी हवाई पट्टी को भी खतरे में है.
सुरजेवाला के मुताबिक, ‘गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स’ में भी चीनी घुसपैठ निरंतर बनी है. क्या कारण है कि पीएम और रक्षा मंत्री, गोगरा-हॉटस्प्रिंग में चुप्पी साधे हैं? कांग्रेस नेता ने रिपोर्ट्स के हवाले से यह भी दावा कि चीनी सेना चुमुर, दक्षिणी लद्दाख तक पेट्रोलिंग कर रही है.
आखिर में रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री, जनरल वीके सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला बयान देकर चीन को यह मौका दे दिया कि वो भारत को झूठे तरीके से अतिक्रमणकारी बता सके. सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए.