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आंसू गैस के गोले से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत, असम पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

असम कांग्रेस नेता भूपेन बोरा और देबब्रत सैकिया ने कांग्रेस कार्यकर्ता मृदुल इस्लाम की मौत पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की. 18 दिसंबर को राजभवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान इस्लाम की मौत हुई थी. पुलिस ने आरोपों से इंकार किया, जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और विरोध तेज करने का ऐलान किया है.

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कांग्रेस कार्यकर्ता मृदुल इस्लाम (Image: X/ @BhupenKBorah)
कांग्रेस कार्यकर्ता मृदुल इस्लाम (Image: X/ @BhupenKBorah)

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोराह और असम में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने कांग्रेस कार्यकर्ता मृदुल इस्लाम की मौत की कड़ी निंदा की है. विपक्ष का आरोप है कि गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक आंसू गैस के गोले से उनके घायल होने के कारण उनकी मौत हुई. पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस्लाम के शरीर पर कोई चोट नहीं थी.

यह घटना 18 दिसंबर को गुवाहाटी के राजभवन के बाहर कांग्रेस के एक प्रदर्शन के दौरान हुई. यह रैली केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में असम भर में आयोजित किसान आंदोलन का हिस्सा थी और मणिपुर के लोगों के साथ एकजुटता के लिए निकाली जा रही थी. एपीसीसी के मुताबिक, पार्टी के कानूनी सचिव इस्लाम, आंसू गैस के गोलों के माध्यम से की गई पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हो गए थे. उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

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बेचैनी की शिकायत पर एडमिट करए गए

पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस्लाम ने अस्पताल ले जाने से पहले बेचैनी की शिकायत की थी. गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दिगंता बोराह ने कहा, "मृतक के शरीर पर कोई चोट नहीं है. हालांकि, वह विरोध में शामिल था. पोस्टमॉर्टम ही उनकी मौत के असली कारण को उजागर करेगा. हमे बताया गया कि उसने बेचैनी की शिकायत की और अस्पताल ले जाया गया. हमने केवल प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए तीन आंसू गैस के गोले रोल किए थे."

कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोराह का बयान

भूपेन बोराह ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए उन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने जानबूझकर तनाव बढ़ाया, पार्टी कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाया. बोराह ने कहा, "यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और असम के लोगों में डर पैदा करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था. हमारे कानूनी सचिव मृदुल इस्लाम की मौत पुलिस की क्रूरता के कारण हुई. उनकी मौत न केवल हमारी पार्टी के लिए बल्कि हमारी लोकतंत्र की मूल पर हमला है."

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बीजेपी पर निशाना साधा और मौतों को "बेहद दुखद" बताया. राहुल गांधी ने परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उन्हें पूर्ण न्याय पाने का अधिकार है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भाजपा शासित असम और उत्तर प्रदेश में फिर से लोकतंत्र और संविधान की हत्या की गई है."

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