scorecardresearch
 

कर्नाटक के मैसूर में फिर 'गुंबद' संरचना को लेकर विवाद, दशहरा उत्सव से पहले बीजेपी नेता ने उठाए ये सवाल

गुंबदनुमा संरचना को लेकर मैसूर में पहले भी विवाद हो चुका है. साल 2022 में भी प्रताप सिम्हा ने मैसूर-ऊटी रोड पर बने एक बस स्टॉप को गिराने की चेतावनी दी थी. उनका कहना था कि बस स्टॉप पर तीन गुंबद बने हुए हैं जिससे वह किसी मस्जिद की तरह दिखता है.

Advertisement
X
कर्नाटक के मैसूर में फिर 'गुंबद' संरचना को लेकर विवाद.
कर्नाटक के मैसूर में फिर 'गुंबद' संरचना को लेकर विवाद.

कर्नाटक के मैसूर का दशहरा महोत्सव काफी फेमस है. लेकिन दशहरे से पहले मैसूर में एक ताजा विवाद सामने आया है. 'गुंबद' को लेकर एक बार फिर इस शहर में विवाद बढ़ता दिख रहा है. दरअसल, सैयाजी राव रोड पर एक पंडाल बनाया गया है, इसे बेहतर लाइटिंग से सजाया गया है, लेकिन हरे रंग से बने इस गेट की संरचना 'गुंबद' जैसी बनाई गई है. 

Advertisement

पूर्व बीजेपी सांसद ने उठाए सवाल

इस कथित गुंबदनुमा संरचना को लेकर पूर्व बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आपत्ति जताई है. उन्होंने अधिकारियों से इसे हटाने का अनुरोध किया है. प्रताप सिम्हा ने कहा कि मैंने सैयाजी राव रोड पर स्थित इस गुंबदनुमा संरचना को बदलने का निर्देश दिया है.

पहले भी हो चुका है विवाद

गुंबदनुमा संरचना को लेकर मैसूर में पहले भी विवाद हो चुका है. साल 2022 में भी प्रताप सिम्हा ने मैसूर-ऊटी रोड पर बने एक बस स्टॉप को गिराने की चेतावनी दी थी. उनका कहना था कि बस स्टॉप पर तीन गुंबद बने हुए हैं जिससे वह किसी मस्जिद की तरह दिखता है. सिम्हा ने कहा था, 'मैंने सोशल मीडिया पर इस बस स्टॉप को देखा है. बस स्टॉप गुंबद की तरह ही है, बीच में बड़ा और अगल-बगल छोटे गुंबद. वह सिर्फ मस्जिद ही है. मैंने इंजीनियरों से कहा है कि वे तीन-चार दिनों में ढांचे को ध्वस्त कर दें. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो मैं एक जेसीबी लेकर खुद इसे गिरा दूंगा.' 

Advertisement

यह भी पढ़ें: कर्नाटकः एक हफ्ते में दो NDA नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई FIR, केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी पर वसूली का आरोप

उनके इस बयान के बाद कांग्रेस हमलावर हो गई थी. कर्नाटक कांग्रेस के नेता सलीम अहमद ने कहा था कि मैसूर के सांसद का यह मूर्खतापूर्ण बयान है. क्या वह उन सरकारी दफ्तरों को भी गिरा देंगे जिनमें गुंबद बने हैं?

बता दें कि पत्रकार से राजनेता बने सिम्हा पहले भी विवादों में रह चुके हैं. कर्नाटक में 2015 में शुरू हुए टीपू सुल्तान जयंती समारोह को लेकर तत्कालीन सरकार के खिलाफ मुखर थे. इसको लेकर बीजेपी सांसद ने तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे.

Live TV

Advertisement
Advertisement