शैक्षणिक संस्थानों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई राज्यों में लगातार स्कूल, कॉलेज बंद किए जा रहे हैं. अब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भी सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया. साथ ही बाजारों में भीड़ के इकट्ठा होने पर भी पाबंदी लगाई है. इसके लिए मार्केट एसोसिएशन से दुकानों को खोलने के समय को लेकर फैसला करने के लिए कहा है. हालांकि, जिन कोर्स में छात्रों को रिसर्च, लैब और थीसिस कार्य करने होते हैं वह जा सकते हैं.
दरअसल, रविवार को जम्मू कश्मीर में कोरोना के 1,526 नए कोरोना वायरस मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद ही ये फैसला लिया गया है. ये आंकड़ा इस साल एक दिन में दर्ज किए गए कोरोना के मामलों में अब तक सबसे अधिक है.
आदेश में कहा गया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को बंद करने का निर्णय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. बता दें की इस महीने की शुरुआत में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था, क्योंकि कई छात्रों और शिक्षको की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी. जबकि 10 वीं, 11 वीं और 12 वीं कक्षाओं के जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) की परीक्षाएं रद्द या स्थगित कर दी गई थीं.
आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग द्वारा जारी एक आदेश में, सदस्य सचिव राज्य कार्यकारी समिति सिमरनदीप सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी विश्वविद्यालय और कॉलेज 15 मई तक बंद रहेंगे. फिलहाल, कॉलेज ऑनलाइन मोड में चल रहे हैं. सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी स्कूल 15 मई तक छात्रों को कैंपस या इन-पर्सन शिक्षा प्रदान करने के लिए बंद रहेंगे.