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बच्चों को टीका, बुजुर्गों को बूस्टर, जानें भारत के पास कहां से आएगी वैक्सीन की डोज

COVAX में अपनी हिस्सेदारी से भारत को लगभग 20 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. ये सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड (Covisheild) वैक्सीन की खुराक होंगी. इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास 17.90 करोड़ खुराक बाकी हैं. साथ ही, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को 20 करोड़ खुराक के ऑर्डर भी दे दिए गए हैं.

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58 करोड़ डोज़ खरीदने को तैयार है भारत
58 करोड़ डोज़ खरीदने को तैयार है भारत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • COVAX में अपनी हिस्सेदारी से भारत को लगभग 20 करोड़ खुराक मिल सकती हैं
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास 17.90 करोड़ खुराक बाकी हैं
  • SII और भारत बायोटेक को 20 करोड़ खुराक के ऑर्डर

ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच, प्रधानमंत्री ने बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन और बुजुर्गों के लिए एहतियाती वैक्सीन यानी प्रिकॉशनरी खुराक दिए जाने की घोषणा की. इस घोषणा के बाद, भारत ने और अधिक वैक्सीन खरीदने की तैयारी कर ली है.  

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COVAX में अपनी हिस्सेदारी से भारत को लगभग 20 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. ये सीरम इंस्टिट्यूट की कोवीशील्ड (Covisheild) वैक्सीन की खुराक होंगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'यह हिस्सा COVAX गठबंधन से क्रमबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा. भारत महामारी की शुरुआत से ही गरीब देशों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराने में योगदान दे रहा है.' 

इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास 17.90 करोड़ खुराक बाकी हैं. साथ ही, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को 20 करोड़ खुराक के ऑर्डर भी दे दिए गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि ये सभी खुराक फरवरी, 2022 तक उपलब्ध हो जाएंगी. भारत के पास अब करीब 58 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध हैं. 

जाइडस जनवरी के पहले हफ्ते में देगा 1 करोड़ डोज़ 

जायडस कैडेला (Zydus Cadila) का ZY-COV-D वैक्सीनेशन जनवरी के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा. जाइडस कैडिला 4-5 जनवरी से 1 करोड़ डोज देने के लिए तैयार है. शुरुआत में इनका इस्तेमाल वयस्कों के लिए किया जाएगा. पहले फेज़ में जिन सात राज्यों में ZyCoV-D कीक खुराक दी जानी है, वे हैं- बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल.

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एट रिस्क स्थिति में बायोलॉजिकल ई उपलब्ध कराएगा 10 करोड़ खुराक

वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल ई ने पिछले शुक्रवार को भारत के ड्रग रेगुलेटर को अपने तीसरे फेज़ की स्टडी का डेटा दिया है. इसपर अगले सप्ताह बैठक किए जाने की उम्मीद है. एक बार मंज़ूरी मिलने के बाद, बायोलॉजिकल ई भी एट रिस्क स्थिति के लिए 10 करोड़ वैक्सीन खुराक उपलब्ध कराएगा. बायोलॉजिकल ई को भारत सरकार ने पहले ही वैक्सीन का ऑर्डर दे दिया था और 30 करोड़ खुराक का पेमेंट भी सरकार की तरफ से किया जा चुका है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि स्पुतनिक वी की वैक्सीन के लिए फिलहाल कोई ऑर्डर नहीं दिया गया है. ये सिर्फ प्रिकॉशनरी खुराक नहीं हैं, बल्कि इनमें वे खुराकें भी शामिल हैं जो उन लोगों को दी जानी हैं जिन्होंने अभी तक दूसरी खुराक भी नहीं ली है.

पहले इन्हे दी जाएगी प्रिकॉशनरी खुराक

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद, 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रिकॉशनरी खुराक दी जानी है. अनुमान है कि इन स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या लगभग 2.6 करोड़ है. साथ ही, ये सभी पूरी तरह से वैक्सीनेटेड भी नहीं हैं. 

स्वास्थ्य मंत्रालय के हाल ही में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 1.03 करोड़ से ज़्यादा स्वास्थ्य कर्मियों ने पहली खुराक ली है, जबकि 96 लाख को दूसरी खुराक मिली है.
फ्रंटलाइन वर्कर्स की कुल अनुमानित संख्या 2 करोड़ है, जिनमें से 1.83 करोड़ को पहली खुराक और 1.68 करोड़ को दूसरी खुराक मिली है.

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60 साल की उम्र से ज़्यादा के करीब-करीब 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो कोमॉर्बिडिटी वाले हैं और जिन्हें प्रिकॉशनरी वैक्सीन की ज़रूरत है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 60 साल से ऊपर के 9 करोड़ लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है, जबकि 12 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपनी पहली खुराक ले ली है.

बच्चों का टीका

अनुमान लगाया गया है कि लगभग 7.5 करोड़ किशोर 15 से 18 वर्ष की आयु वाली कैटगरी में आते हैं. इन बच्चों को 3 जनवरी से वैक्सीन की पहली खुराक दी जाएगी. भारत में फिलहाल, केवल ज़ायडस और कोवैक्सीन ही बच्चों के लिए उपलब्ध हैं.

 

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