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'कोरोना पर अलर्ट होने का वक्त', डॉ वीके पॉल ने वायरस के खतरे, बूस्टर और मास्क पर दी ये सलाह 

डॉ. वीके पॉल ने बताया कि मीटिंग में तय किया गया है कि कोरोना को लेकर हर हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय में समीक्षा बैठक होगी. इस दौरान डॉ. पॉल ने भीड़भाड़ में लोगों को मास्क लगाने की भी सलाह दी है. उन्होंने बताया कि देश में कोरोना टेस्टिंग पर्याप्त मात्रा में हो रही है.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

देश में कोरोना के नए खतरे को देखते हुए बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है, लेकिन देश हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि पैनिक की जरूरत नहीं है. 

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डॉ. वीके पॉल ने बताया कि मीटिंग में तय किया गया है कि कोरोना को लेकर हर हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय में समीक्षा बैठक होगी. इस दौरान डॉ. पॉल ने भीड़भाड़ में लोगों को मास्क लगाने की भी सलाह दी है. उन्होंने बताया कि देश में कोरोना टेस्टिंग पर्याप्त मात्रा में हो रही है. बीच-बीच मे स्वास्थ्य मंत्रालय निर्णय लेगा कि क्या और कदम उठाए जाने हैं.  

बूस्टर डोज लगवाएं लोग: डॉ. पॉल

डॉ. पॉल ने बताया कि जोनोमिक सर्विलांस के बाद सितंबर में BF.7 वेरिएंट तीन बार भारत में पाया गया था. अभी देश में 18 वर्ष से ऊपर के केवल 28 फीसदी लोगों को ही बूस्टर डोज लगाया गया है. सभी लोगों को बूस्टर डोज लगवा लेना चाहिए. इसके साथ ही सभी राज्यों को केंद्र सरकार के आदेश का पालन करना होगा.

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वहीं भारत जोड़ो यात्रा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की ओर से राहुल गांधी को जो चिट्ठी लिखी गई थी, उसको लेकर उन्होंने कहा कि इस पर स्वास्थ्य मंत्री अपनी बात रख चुके हैं. 

जहां नेचुरल इंफेक्शन नहीं हुआ, वहां फैल सकता है कोरोना

एम्स के कम्युनिकेबल डिजीज के प्रोफेसर संजय राय ने कहा- कोरोना वायरस तीन साल पुराना हो गया है. इसको लेकर हमने काफी एविडेंस इकठ्ठा कर लिया है. हमने पाया कि जहां-जहां नैचुरल इंफेक्शन नहीं हुआ, वहां यह वायरस काफी प्रॉब्लम कर सकता है. म्यूटेशन के बाद भी जो लोग संक्रमित हुए हैं, वो तीन साल तक प्रोटेक्टेड रहते हैं. 

उन्होंने कहा कि चीन में इंफेक्शन नहीं हुआ था, इसलिए वहां मामले बढ़ने की आशंका ज्यादा है. चाहे सिंगापुर हो, साउथ कोरिया हो, चाहे जापान हो, ये देश हाइली वैक्सिनेटेड हैं, लेकिन वहां नेचुरल इंफेक्शन नहीं हुआ था, इसलिए वहां मामले बढ़ने की आशंका है.

चीन के हालात पर मॉनिटरिंग की जरूरत, डर की नहीं

ICMR के विशिष्ठ वैज्ञानिक समीरन पांडा ने कहा कि अभी चीन में तेजी से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. अनुमान है कि अगले तीन महीने में चीन में 60 फीसदी लोग संक्रमित हो जाएंगे, इसलिए डर का माहौल बन गया है. चीन में जो स्थिति है, उसकी मॉनिटरिंग जरूरी है लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है.

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हाइब्रिड इम्युनिटी पर नजर रखने की जरूरत

ICMR के विशिष्ठ वैज्ञानिक समीरन पांडा ने कहा कि भारत में वैक्सीन या इंफेक्शन के कारण जो हाइब्रिड इम्युनिटी हुई है, उसी तरफ गौर करके हमें देखना होगा. चीन में जीरो कोविड पॉलिसी रही है यानी बहुत लोग बचे रह गए.

उन्होंने कहा कि कोविड हमारे साथ है और आगे भी रहेगा लेकिन ज्यादा क्रॉनिक डिजीज, किडनी, लीवर की दिक्कत वाले, हाइपरटेंशन या फिर बुजुर्गों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन ऐसा नहीं कि नया म्यूटेंट मृत्युदर बढ़ा ही देगा. ऐसा नहीं कि जो स्थिति चीन में है वही दूसरे देशों में भी होगी. 2019 में कोरोना नया वायरस आया लेकिन अब एक देश की दूसरे देश से अलग स्थिति है.

किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार: मांडविया

वहीं इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर कहा था, ''कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की. कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है. मैंने सभी संबंधित पक्षों को सर्तक रहने और कड़ी निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए हैं. हम किसी भी स्थिति को संभालने के लिए तैयार हैं.'' 

खास परिवार के लिए कैसे न निभाऊं अपनी जिम्मेदारी

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स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कर कहा- दुनिया में कोरोना का केस बढ़ रहे हैं. राजस्थान के तीन सांसदों ने मुझे पत्र लिखा है कि राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा में हिमाचल के मुख्यमंत्री गए थे. वह कोरोना संक्रमित हो गए हैं, इसलिए आप इस पर कुछ कार्रवाई करिए. मैंने  विशेषज्ञों से राय ली है फिर राहुल गांधी को भी पत्र लिखा. मैंने कहा कि मुझे ऐसा पत्र मिला है. इस पत्र में बताया गया है कि उस यात्रा में कुछ लोगों में कोरोना वायरस पाया गया,  इसलिए सावधानी बरती जाए.

कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाए, लेकिन मैं बुधवार सुबह से देख रहा हूं जिस तरह से मुझे इंगित करके सवाल किया जा रहा है, उस पर मैं स्थिति साफ कर देना चाहता हूं. केंद्र सरकार का स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते मेरा दायित्व है कि देश में कोरोना ना फैले, देश के सभी नागरिक स्वस्थ रहें, लेकिन खास परिवार के प्रोटेक्शन में आकर के स्वास्थ्य मंत्री अपना दायित्व न निभाएं, यह सही नहीं. हम तो प्रधान सेवक के छोटे से मेंबर हैं.

 

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