दुनियाभर में डेढ़ साल से कोरोना वायरस के मामलों में रोजाना इजाफा हो रहा है. वायरस की चपेट में आकर करोड़ों लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं, जबकि लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. हाल ही में भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दी थी, जिसमें लोगों को ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड्स की खासी किल्लत झेलनी पड़ी. कई देशों में इस समय कोरोना की तीसरी लहर कहर बरपा रही है तो वहीं भारत में जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनर को चौथी लहर का डर सता रहा है.
राजदूत वॉल्टर जे. लिंडनर ने कहा है कि कई देशों में डेल्टा वैरिएंट के मामलों की संख्या बढ़ी है. उन्होंने कहा, 'संभावित रूप से तेजी से संक्रमित करने वाला और वैक्सीन-प्रतिरोधी वैरिएंट (विशेषकर डेल्टा) की कोविड-19 संख्या कई देशों में बढ़ रही है. यह एक चौथी लहर का डर पैदा कर रही है, जिससे अब तक हासिल हुआ उलट सकता है.'
इसे भी क्लिक करें --- कोरोना से जंग की तैयारी, वैक्सीन के लिए Cowin पर रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं
बता दें कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट सबसे पहले भारत में पिछले साल अक्टूबर में पाया गया था. इसके बाद, यह कई अन्य देशों में भी यह फैल चुका है. इन दिनों ब्रिटेन, अमेरिका आदि जैसे देशों में डेल्टा वैरिएंट ही सबसे ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है. ब्रिटेन में कई हजार नए मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने लॉकडाउन हटाने के अपने फैसले को आगे बढ़ा दिया.
वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने भी डेल्टा वैरिएंट को लेकर अहम बयान दिया. उन्होंने कहा है कि डेल्टा वैरिएंट कोरोना वायरस बीमारी के विश्व स्तर पर फैलने का प्रमुख कारण बन रहा है. स्वामीनाथन ने कोविड से जुड़ा एक अपडेट देते हुए बताया कि यह वैरिएंट अभी तक दुनियाभर के 80 देशों में पाया जा चुका है.