कोरोना वायरस अभी भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है. भारत में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है, लेकिन वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है. हालांकि देश के कई राज्यों में कोरोना के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया गया है. इन सबके बीच देश में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में भी पता चला है.
ओमिक्रॉन के नए सब वैरिएंट का पता लगाने के लिए ट्रेकिंग, टेस्टिंग और सिक्वेसिंग बहुत जरूरी है. डब्ल्यूएचओ और उसके साथ मिलकर कई साइंटिस्ट इनके नए मॉड्यूलेशन का पता लगाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के 300 से ज्यादा सब वैरिएंट कई देशों में बड़ी तेजी से फैल रहे हैं. इनमें भी सबसे ज्यादा यानी करीब 76 फीसदी BA.5 के सब वैरिएंट हैं.
वायरस के प्रभाव को लेकर अनिश्चितता
कोरोना वायरस को आए हुए 3 साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक एक बार संक्रमित होने पर प्रभावों के बारे में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. अगर कोई संक्रमित होता है तो आनुवांशिक और एंटीजेनिक के साथ ही भविष्य में इसका क्या प्रभाव होगा. इसके बारे में अभी तक कोई निश्चित जानकारी नहीं मिल पाई है. कोविड से जुड़ी इंटरनेशनल कमेटी ने माना कि कई स्वास्थ्य प्रणालियां वायरस द्वारा उत्पन्न चुनौतियों की वजह से हेल्थ इमरजेंसी में दबाव में रहती हैं.
दुनिया की दो तिहाई आबादी का पहला कोर्स पूरा
WHO के महानिदेशक ने कहा कि वह कोविड-19 से संबंधित कमेटी के बारे में दी गई सलाह से सहमत हैं और निर्धारित करते हैं कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का गठन जारी रखेगी. डॉ. टेड्रोस ने बताया कि दुनिया की करीब दो तिहाई आबादी ने कोविड-19 वैक्सीनेशन का पहला कोर्स पूरा कर लिया है. उन्होंने कहा कि साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, COVID-19 से मौतें महामारी की शुरुआत के बराबर स्तर तक पहुंच गई हैं.
ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट की इंडिया में भी पहचान
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट के नए सब-वैरिएंट की इंडिया में भी पहचान हो चुकी है. ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट का नाम BA.5.1.7 है. एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि यह नया वैरिएंट अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है और अगर लापरवाही बरती गई तो कोविड संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.
इसके अलावा भारत में BF.7 सब-वैरिएंट के पहले मामले के बारे में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने पता लगाया. चीन में कोरोना के मामले बढ़ने का कारण यही वैरिएंट है. चीन में कोविड -19 मामलों में आई तेजी का कारण BF.7 और BA.5.1.7 वैरिएंट ही बताया गया था. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और बेल्जियम में भी इस नए वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं.
बदन दर्द है नए वैरिएंट का मुख्य लक्षण
राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार ग्रुप वैक्सीनेशन (NTAGI) के चेयरमैन डॉ. एन.के.अरोड़ा (Dr N.K. Arora) के मुताबिक, इस वैरिएंट के लक्षण भी अन्य कोविड-19 वैरिएंट की तरह ही नजर आएंगे लेकिन अगर इस नए वैरिएंट की बात करें तो बदन दर्द इसका मुख्य लक्षण है. अगर किसी को लंबे समय से शरीर में दर्द हो रहा है तो उसे कोविड टेस्ट कराने की जरूरत होगी. इसके अलावा, गले में खराश, थकान, कफ और बहती नाक भी इस सब वैरिएंट के लक्षण हो सकते हैं.