कोरोना के बढ़ते मामले के बीच वैक्सीन वितरण को लेकर देश में राजनीति भी शुरू हो गई है. गैर बीजेपी शासित राज्यों की ओर से वैक्सीन वितरण को लेकर पक्षपात करने का आरोप लगाया गया है. करीब 10 ऐसे राज्य हैं जिनकी ओर से कहा जा रहा है कि उनके पास महज 3-4 दिन के ही वैक्सीन बचे हैं. आइए, जानते हैं कि वैक्सीन पर हो रही राजनीति के बीच 5 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री की नजर में उनके यहां क्या स्थिति है.
हरियाणाः वैक्सीन की कमी नहींः विज
आजतक के साथ खास बातचीत में वैक्सीन की स्थिति को लेकर हरियाणा के चिकित्सा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारे पास वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. हम 21 लाख लोगों वैक्सीन लगा चुके हैं. हमारा लक्ष्य है कि अप्रैल महीने में 35 लाख लोगों को वैक्सीन लगाया जाए.
बीजेपी शासित समेत कई राज्यों में वैक्सीन की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, जैसे-जैसे वैक्सीन आती जा रही है उसे पहुंचाया जा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने आश्वासन दिया है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
राजस्थानः पहले भारत में हो टीकाकरणः प्रताप सिंह
वैक्सीन के बारे में राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि पहले भारत के हर व्यक्ति का टीकाकरण हो जाए फिर भारत पूरी दुनिया की मदद के लिए खड़ा हो जाएगा. हम सुरक्षित रहेंगे तो सबको सुरक्षित रख पाएंगे. खुद को सुरक्षित कीजिए. अपने परिवार को सुरक्षित रखिए. भीड़ में प्रोटोकॉल को मानिए.
उन्होंने कहा कि देश में हर उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू हो जाना चाहिए. आपस में बातचीत होना चाहिए. यह राजनीति का विषय नहीं है. सभी के लिए मुद्दा है. लॉकडाउन लगाने के बारे में राजस्थान के चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हम लॉकडाउन लगा नहीं सकते. लॉकडाउन लगाने के लिए इसलिए नहीं सोच रहे क्योंकि इसका नुकसान जबर्दस्त है. किसी भी कीमत पर लॉकडाउन नहीं लगेगा. मेरा मानना है कि यह समस्या का समाधान नहीं है.
बोर्ड परीक्षा के आयोजन को लेकर प्रताप सिंह ने कहा कि हम इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं. राजस्थान सरकार बोर्ड परीक्षा को लेकर लगातार चर्चा कर रही है. कोरोना को देखते हुए परीक्षाओं को रद्द करना पड़ेगा.
MP: वैक्सीन की कोई कमी नहींः विश्वास नारंग
वैक्सीन की कमी के मामले में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विश्वास नारंग ने आजतक से कहा कि हमारे राज्य में वैक्सीन को लेकर किसी तरह की कोई कमी नहीं है. हमें जितनी जरूरत है उतनी हमें समय पर उपलब्ध होता है.
उन्होंने कहा कि हम हफ्ते में 4 दिन टीकाकरण का अभियान चलाते हैं जिसमें 4 लाख डोज की जरूरत पड़ती है. अभी हमारे पास 6 लाख डोज उपलब्ध हैं.
झारखंडः कोताही बरती गईः बन्ना गुप्ता
वैक्सीन की कमी को झारखंड को चिंता करने के सवाल पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि निश्चित तौर पर दूसरे चक्र का कोरोना काल है, ये काफी प्रभावशाली तरीके से आया है. इसके लिए हमें सजग होने की जरूरत है. जहां तक टीकाकरण की बात है तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा था कि टीकाकरण के लिए 15 दिन की योजना बनाकर भेजिए. हमने इसकी योजना बनाकर पहले भेज दिया. लेकिन डोज नहीं आए. कोताही बरती गई.
उन्होंने कहा कि 3 दिन पहले हमने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात की तो आज हमें 2 लाख वैक्सीन की डोज आई हैं जो कि बेहद कम हैं. यह 'ऊंट के मुंह में जीरा' की तरह है. हमारे यहां 83 लाख लोग हैं जिनका टीकाकरण किए जाने की जरूरत है. जिस तरीके से धीरे-धीरे वैक्सीन दी जा रही है यह सही नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समेत दुनिया के मित्र देशों को वैक्सीन दी जा सकती है तो हमारे देश के लोगों को पहले वैक्सीन दी जानी चाहिए. जब पाकिस्तान को दिया जाएगा तो हमें क्यों नहीं दिया जाएगा. प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
छत्तीसगढ़ः पहले प्रोग्राम बनेः टीएस सिंह देव
छत्तीसगढ़ में क्या वैक्सीन की कमी हो रही है, सवाल के जवाब में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि केंद्र और राज्यों में विश्वास की कमी है. देश में रोजाना 24 से 25 लाख वैक्सीन बन पा रही है. छत्तीसगढ़ में 3 से 4 लाख टीकाकरण की जरूरत है तो स्वाभाविक है कि इतने में इतनी वैक्सीन नहीं दी जा सकती.
उन्होंने कहा कि इस बारे में एक कार्यक्रम बनना चाहिए. 3 दिन पहले मैंने डॉक्टर हर्षवर्धन से बात करते हुए अनुरोध किया था कि आप एक प्रोग्राम बना लें कि छ्त्तीसगढ़ को आप कितनी डोज देंगे तो उस हिसाब से हम आगे की रणनीति बना लेंगे. हम उतने ही सेंटर्स खोलेंगे और यह स्थिति नहीं बनेंगी कि वैक्सीनेशन साइट ज्यादा हैं और वैक्सीन कम.