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अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा कोरोना केस भारत में, ब्राजील पीछे छूटा

कोरोना केस के मामले भारत ने ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है. अब भारत से ज्यादा संक्रमण के केस सिर्फ अमेरिका में हैं.

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कोरोना का कहर दुनियाभर में जारी है (फाइल फोटो)
कोरोना का कहर दुनियाभर में जारी है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंचा भारत
  • देश में सोमवार को रिकॉर्ड 90 हजार 802 नए केस
  • अमेरिका में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित

भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जहां सबसे ज्यादा कोरोना केस हैं. पिछले एक हफ्ते से भारत में रिकॉर्ड केस दर्ज हो रहे हैं. कोरोना केस के मामले भारत ने ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है. अब भारत से ज्यादा संक्रमण के केस सिर्फ अमेरिका में हैं.  

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सोमवार को भारत में रिकॉर्ड 90,802 कोरोना केस दर्ज किए गए. 7 सितंबर, 2020 के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, भारत में 42,04,613 कन्फर्म कोरोना केस हो चुके हैं और इनमें से  71,642 लोगों की मौत हो चुकी है. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, ब्राजील में सोमवार तक 41,37,521 केस हैं, जबकि अमेरिका में 62,77,004 केस दर्ज किए हैं.

हालांकि, पूरी महामारी के दौरान ब्राजील की अधिकांश सुर्खियां राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के कुप्रबंधन के इर्द-गिर्द थीं, लेकिन अगस्त में ब्राजील में कोरोना का ग्राफ समतल होने लगा. लेकिन भारत की तुलना में ब्राजील कोरोना केसों का ग्राफ तेजी से नीचे कैसे लाया?

ब्राजील में पहला कोरोना केस भारत में पहला आने के करीब एक महीने बाद सामने आया था, लेकिन मार्च के मध्य तक यानी सिर्फ दो हफ्ते बाद ब्राजील में भारत की तुलना में ज्यादा केस थे. ब्राजील दुनिया के उन कुछ देशों में से एक था जिसने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू नहीं किया था, हालांकि साओ पाउलो जैसे राज्य और शहर लॉकडाउन लागू करने में सक्षम थे.

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बोल्सोनारो ने बार-बार वायरस के खतरे को कम करके आंका और इसे “छोटा मोटा फ्लू” कहा. वे भीड़ के बीच बिना मास्क के लोगों से हाथ मिलाते हुए भी दिखे. खुद संक्रमित होने के बाद भी उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का विरोध किया.

भारत अब कुल मिलाकर ब्राजील से आगे निकल चुका है, फिर भी भारत की तुलना में कोरोना ब्राजील की आबादी में कहीं ज्यादा गहरे तक फैला हुआ है. अगर जनसंख्या के अनुपात में देखें तो भारत की तुलना में ब्राजील की जनसंख्या में कोरोना छह गुना ज्यादा फैला है.

ब्राजील में मार्च से कोरोना केसों में तेजी से वृद्धि हुई और 6 जून तक यहां दस लाख हो चुके थे. भारत में दस लाख केस की सीमा तक पहुंचने में एक महीने का समय और लगा. महामारी के शुरुआती से ही महामारी का फैलाव ब्राजील के शहरी और खास कर बड़े शहरों में केंद्रित था. सितंबर तक ब्राजील के शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा केस आने लगे.

जुलाई के आखिर से ही ये स्पष्ट हो गया था कि ब्राजील में कोरोना का ग्राफ नीचे आ रहा है, जबकि भारत अब तक अपने शिखर तक नहीं पहुंचा. कोरोना से हो रही मौतों को अगर आबादी के अनुपात में देखें तो भारत की तुलना में वहां दस गुना ज्यादा मौतें हुई हैं. इसे ज्यादा सख्त सुरक्षा उपायों के साथ रोका जा सकता था.

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ब्राजील के दो सबसे बड़े शहरों, साओ पाउलो और रियो डी जनेरियो में देश के करीब 8% कोरोना केस हैं. ठीक उसी तरह जैसे भारत में मुंबई और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. रियो डी जनेरियो केस की बढ़ती संख्या में कमी कर पाने में सक्षम हुआ, लेकिन साओ पाउलो में अभी तक हर दिन 1,000 से ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं.

ब्राजील के इन दो शहरों की तरह भारत में मुंबई और दिल्ली हैं जहां हर दिन तकरीबन 2,000 केस दर्ज हो रहे हैं और यहां कोरोना का ग्राफ नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है.

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