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फिलिस्तीन के समर्थन में CPI (M), केरल के कोझिकोड में आयोजित की विशाल रैली

सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने युद्ध से तबाह फिलिस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शनिवार को एक विशाल रैली आयोजित की. भारत में इजरायली सरकार और भाजपा पर हमला करते हुए विजयन ने कहा कि दोनों हिटलर की तरह 'नस्लीय कट्टरता से प्रेरित' हैं.

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पिनाराई विजयन-फाइल फोटो
पिनाराई विजयन-फाइल फोटो

सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने युद्ध से तबाह फिलिस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शनिवार को एक विशाल रैली आयोजित की. पार्टी ने कथित इजरायल समर्थक रुख को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला किया. केरल के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सीपीआई (एम) नेता, पिनाराई विजयन ने कहा कि वाम दल सही और गलत के बीच लड़ाई के दौरान तटस्थ नहीं रहेंगे और फिलिस्तीन के लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे.

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विजयन ने कहा कि भाजपा ने मानवता के खिलाफ रुख अपनाया. विजयन ने विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'जिन्होंने मणिपुर में हमारे भाइयों को समर्थन देने से इनकार कर दिया, उन्होंने इजरायली सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करने में एक सेकंड भी बर्बाद नहीं किया, वहां नरसंहार आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रही है.'

भारत में इजरायली सरकार और भाजपा पर हमला करते हुए विजयन ने कहा कि दोनों हिटलर की तरह 'नस्लीय कट्टरता से प्रेरित' हैं. विजयन ने कहा, 'भारत के लोग फिलिस्तीन के उन लोगों के साथ हैं जो विरोध कर रहे हैं. लेकिन भारत सरकार यहां के लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित नहीं कर रही है.' उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को इजरायल के साथ अपने सहयोग पर गर्व है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वाम दल फिलिस्तीन के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है.

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विजयन ने कहा, 'हम तटस्थ नहीं हैं. वामपंथी राजनीति तटस्थ नहीं है. जब सही और गलत के बीच लड़ाई होती है, तो हम तटस्थ नहीं रह सकते. हम फिलिस्तीन के साथ हैं.' वरिष्ठ वामपंथी नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने इजरायल को समर्थन देने के लिए भारत की विदेश नीति को कमजोर कर दिया.

विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को दिए गए निमंत्रण का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि इस मुद्दे पर समर्थन व्यक्त करने के बाद उन्हें आमंत्रित किया गया था.

हालांकि, आईयूएमएल ने 4 नवंबर को कहा कि वे विपक्ष के नेतृत्व वाले यूडीएफ का हिस्सा होने के तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए सीपीआई (एम) की रैली में भाग नहीं लेंगे. 7 अक्टूबर को हमास के अचानक हमले के बाद इजरायल में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे.

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