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Cyclone Gulab: रविवार रात तक ओडिशा के 6 जिलों से 39,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

Cyclone Gulab: ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि राज्य में चक्रवात का ज्यादा असर नहीं पड़ा है. कुछ हिस्सों में बारिश को छोड़कर गंजम, गजपति और रायगडा जिलों में हवा की गति खतरनाक नहीं रही, जिसका होने का अनुमान था.

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Cyclone Gulab Live Updates
Cyclone Gulab Live Updates
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान के बाद भारी बारिश
  • पश्चिम बंगाल में भी तूफान गुलाब का दिखेगा असर
  • श्रीकाकुलम में तेज लहरों की वजह से 5 मछुआरे समुद्र में गिरे

Cyclone Gulab Updates: चक्रवाती तूफान 'गुलाब' रविवार शाम को तटीय क्षेत्र में टकराने के साथ शुरू हुआ, जिससे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और इससे सटे दक्षिण तटीय ओडिशा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई. हालांकि आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में तेज लहरों की वजह से 5 मछुआरे समुद्र में गिर गए.

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पढ़ें, Cyclone Gulab के Updates

'गुलाब' के लैंडफॉल की प्रक्रिया रविवार शाम करीब छह बजे शुरू हुई. फिर आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम और ओडिशा में गोपालपुर के बीच क्लाउड बैंड तटीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि यह प्रक्रिया अगले दो से तीन घंटे तक जारी रहेगी. इसकी वजह से दक्षिणी जिलों गंजम, गजपति, कंधमाल, रायगडा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के साथ-साथ मध्य तटीय जिलों केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, खुर्दा, पुरी और नयागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हुई.

एसआरसी प्रदीप जेना ने बताया कि चक्रवाती तूफान गुलाब ने आंध्र प्रदेश के संथागुडा में दस्तक दी. सिस्टम के प्रभाव में रात गजपति, रायगडा और कोरापुट जिलों में बारिश तेज हो सकती है. गंजम से अब तक 10000 सहित 39000 लोगों को निकाला जा चुका है. आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के संथागुडा में लैंडफॉल बनाने के बाद चक्रवात गुलाब के गहरे दबाव में कमजोर होकर कोरापुट जिले में प्रवेश करने की संभावना है.

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पीके जेना ने कहा कि मौसम विभाग की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि रात बढ़ने के साथ बारिश बढ़ने की संभावना है. जिला प्रशासन को चौकसी बरतने को कहा गया है. अभी तक कोई बड़ा लैंडस्लाइड नहीं हुआ है. रात नौ बजे तक छह जिलों से करीब 39,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

ओडिशा में चक्रवात का कोई असर नहीं

ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (Special Relief Commissioner, SRC) प्रदीप जेना ने रात 10 बजे के अपने अपडेटेड बुलेटिन अलर्ट में कहा कि चक्रवात के लैंडफॉल के बाद कोरापुट में प्रवेश करने की संभावना है, लेकिन अभी तक ओडिशा पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि कुछ हिस्सों में बारिश को छोड़कर, गंजम, गजपति और रायगडा जिलों में हवा की गति खतरनाक नहीं है, जिसका चक्रवात के रास्ते पर होने का अनुमान जताया गया था.

हालांकि इस दौरान पुरी में जनजीवन सामान्य रहा, जिले में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मध्यम बारिश जारी रही. पर्यटक बीच पर खुले में घूमते भी दिखे. रिपोर्ट आने तक पूरे ओडिशा में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है.

गजपति जिले में NDRF की 2 टीमें तैनात

चक्रवात गुलाब के मद्देनजर एनडीआरएफ की दो टीमों को ओडिशा के गजपति जिले के गुम्मा और गोसानी ब्लॉक में तैनात किया गया है. गोसानी में एनडीआरएफ टीम कमांडर विश्वनाथ चौधरी ने कहा, "हमारे पास चक्रवात और बाढ़ जैसी स्थितियों में आवश्यक सभी उपकरण हैं और हम तदनुसार स्थिति से निपटेंगे."

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हवा की रफ्तार 95 किमी प्रति तक पहुंची

चक्रवाती तूफान 'गुलाब' ने उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तटों को पार कर लिया है. कलिंगपट्टनम के उत्तर में करीब 20 किमी की दूरी पर 75-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार हवाएं चलीं. साथ में साढ़े 7 बजे से साढ़े 8 बजे तक हवा की रफ्तार 95 किमी प्रति घंटे हो गई.

16 हजार ग्रामीणों को निकाला

'चक्रवात गुलाब' के रूप में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में लैंडफॉल के साथ ही आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम में तेज हवाएं चलने लगी हैं. ओडिशा के एसआरसी, पीके जेना का कहना है कि चक्रवात के कारण ओडिशा के गंजम जिले से 16,000 ग्रामीणों को निकाला गया है.

श्रीकाकुलम में 5 मछुआरे समुद्र में गिरे

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के वज्रपुकोट्टुरु पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर गोविंदराव ने बताया कि श्रीकाकुलम के पांच मछुआरे आज शाम समुद्र से लौटते समय मंडासा तट पर उनकी नाव से तेज लहरों के टकराने की वजह से समुद्र में गिर गए. पुलिस और अन्य अधिकारी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

श्रीकाकुलम में तेज हवाएं चल रहीं

7.01 PM: अगले 2 घंटे अहमः श्रीकाकुलम ज्वाइंट कलेक्टर
श्रीकाकुलम के ज्वाइंट कलेक्टर सुमित कुमार ने एएनआई के हवाले से कहा कि अगले दो घंटे अहम हैं जिस दौरान चक्रवात गुलाब के लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहेगी. हम उम्मीद करते हैं कि हवाएं 90-100 किमी/घंटा की गति से चलेंगी. एनडीआरएफ की दो टीमें और एसडीआरएफ की 4 टीमें यहां पहुंच चुकी हैं. भारी बारिश से बाढ़ आ सकती है, जो एक और चुनौती होगी. जिले में 19 मंडल बाढ़ को लेकर आशंकित हैं.

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6.19 PM: लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू

मौसम विज्ञान के नए अवलोकनों के अनुसार, क्लाउड बैंड ने तटीय क्षेत्रों को छू लिया है और इस प्रकार लैंडफॉल की प्रक्रिया उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण तटीय ओडिशा में शुरू हो गई है.

साढ़े 5 बजे तक हवा 31 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही थी, जबकि इससे पहले गोपालपुर में हवा की गति 26 किमी प्रति घंटा रही थी.

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात गुलाब की लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि यह अगले तीन घंटे तक जारी रहेगा. नए मौसम विज्ञान अपडेट के अनुसार, क्लाउड बैंड तटीय क्षेत्रों को छू चुके हैं. इस प्रकार, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट और ओडिशा के निकटवर्ती दक्षिणी तट पर भूस्खलन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

5.29 PM: शाम 6 बजे शुरू होगा लैंडफॉल

चक्रवात गुलाब का शाम 6 बजे के आसपास लैंडफॉल शुरू हो जाएगा. तूफान के असर से गोपालपुर में समुद्र अशांत है. नतीजतन, बरहामपुर शहर में भी भारी बारिश हो रही है और हवाएं चल रही हैं. तेज बारिश के साथ हवा की गति भी बढ़ रही है.

5.11 PM: अगले दो दिन मछुआरों के समुद्र में नहीं जाने की सलाह

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विशाखापत्तनम में आईएमडी का साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर के श्रीनिवास राव ने बताया कि  'तूफान गुलाब' के आज आधी रात के करीब कलिंगपट्टनम और गोपालपुर के बीच पश्चिम की ओर बढ़ने और उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तटों को पार करने की संभावना है. लैंडफॉल प्रक्रिया आज शाम से शुरू होगी.

उन्होंने कहा कि उत्तर और दक्षिण तटीय क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और आंध्र प्रदेश के एक या दो स्थानों में भारी वर्षा की संभावना है. मछुआरों को आज और कल समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

4.45 PM: ओडिशा में 3 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला

चक्रवाती तूफान गुलाब के आने से पहले ओडिशा सरकार ने 3,409 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है और इन लोगों को 204 शेल्टर होम्स में स्थानांतरित कर दिया. कोरापुट जिले में 165 गर्भवती महिलाओं को भी नजदीकी मां गृह या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है.

राज्य के गजपति, गंजम, कालाहांडी, कंधमाल, खोरधा, कोरापुट, मलकानगिरी, नवरंगपुर, नयागढ़, पुरी, रायगढ़ा नाम के 11 जिलों के कलेक्टरों को सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.

4.02 PM: तूफान से पहले CM नवीन पटनायक ने की समीक्षा बैठक

कोरोना महामारी के दौरान चक्रवर्ती तूफान “गुलाब” से निपटने के लिए ओडिशा पूरी तरह से तैयार है. हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में तैयारियों कि समीक्षा की. इस दौरान चक्रवात से प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को रविवार की शाम लैंडफॉल से पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्देश दिया. साथ ही प्रदेश के 11 जिलों के जिलाधिकारियों को चक्रवाती तूफान के मद्देनजर 27 सितंबर को जिले के सभी स्कूल को बंद रखने का आदेश दिया है. 

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मुख्यमंत्री पटनायक ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में लोगों से चक्रवाती तूफान गुलाब से बचने के लिए सुरिक्षित स्थानों पर जाने कि अपील की. साथ ही स्थानीय लोगों से प्रभावित जिलों में कोविड नियम लागू करने में प्रशासन कि मदद करने के लिए आग्रह की है. मुख्यमंत्री पटनायक ने लोगों की जान बचाने को अधिक प्राथमिकता दी है.

3:45 PM- ओडिशा सरकार ने 3,409 लोगों को सुरक्षित निकाला है और उन्हें 204 शेल्टर होम्स में स्थानांतरित कर दिया है. कोरापुट जिले में 165 गर्भवती महिलाओं को भी नजदीकी मां गृह या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेज दिया गया है.

3:30 PM- मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात गुलाब गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 140 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में और कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 190 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व में है. इसके लगभग पश्चिम की ओर बढ़ने और कलिंगपट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश - दक्षिण ओडिशा के तटों को पार करने की संभावना है. लैंडफॉल की प्रक्रिया आज शाम से शुरू हो जाएगी, जिस दौरान काफी तेजी से देर तक हवाएं चलेंगी.

3:00 PM- कोलाकाता में भी तूफान से निपटने के सारे इंतजाम कर लिए गए हैं. एक कंट्रोल रूम खोला गया है. मौसम विभाग के अनुसार, आज रात तूफान गुलाब गोपालपुर और विशाखापट्टनम के बीच से गुजरेगा.

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2:30 PM- मछुआरों को समुद्र तट से दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि वे 26 सितंबर से पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में न जाएं. इसके बाद 27 तारीख तक उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर न जाएं.

2:00 PM- चक्रवात तूफान का असर न सिर्फ बंगाल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रहेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी पड़ सकता है. अनुमान लगाया है कि अगले दो दिनों तक राज्य में तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने तूफान गुलाब की वजह से छत्तीसगढ़ में रविवार और सोमवार को भारी बारिश का अनुमान जताया है.

1:00 PM- चक्रवात गुलाब को लेकर आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सरकारें पूरी तरह से तैयार हैं. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमें भी अभियान में लग गई हैं.  

 

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