बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. यह तूफान मंगलवार से गुरुवार के बीच आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है.
वहीं राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) ने चक्रवात निवार को देखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए दो दर्जन से ज्यादा टीमों को तैयार रहने को कहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी को तूफान से निपटने की हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने तमिलनाडु के सीएम पलानीस्वामी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायाणसामी को केंद्र से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है. पीएम ने कहा कि मैं प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं.
निवार तूफान के मद्देनजर पुडुचेरी के सीएम वी नारायणसामी ने तटीय क्षेत्रों में तैयारी का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि सभी विभाग हाई-अलर्ट पर हैं और बिजली, पानी आदि को बहाल करने के लिए निकट समन्वय में काम कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करने के लिए ओवरटाइम काम कर रहे हैं कि किसी जानमाल का नुकसान न हो.
पुडुचेरी में धारा 144 लागू
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुडुचेरी में आज रात से 26 नवंबर सुबह 6 बजे तक धारा 144 लागू की जा रही है. 96 बचाव केंद्र स्थापित किए गए हैं और कराईकल में 80 बचाव केंद्र स्थापित किए गए हैं. बचाव कार्यों के लिए 8000 सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है. एनडीआरएफ की दो टीमें पुडुचेरी में हैं और एनडीआरएफ की दो टीमें कराईकल में अलर्ट पर हैं. स्कूलों में अगले दो दिनों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना दबाव पिछले 06 घंटों के दौरान पांच किमोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ा है. इसके चक्रवाती तूफान 'निवार' में तब्दील होने के आसार जताए जा रहे हैं. यह 25 नवंबर तक तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटवर्ती क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है.
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अगले 24 घंटों के दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान में इसके तब्दील होने की आशंका है, जिसमें तेज हवा के साथ बारिश होगी. मौसम विभाग के अनुमानों के मुताबिक इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की बहुत संभावना है. तूफान के 25 नवंबर की शाम के दौरान कराईकल और मामल्लपुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है.