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Nivar Cyclone Updates: बंगाल की खाड़ी में सक्रीय हुआ तूफान निवार तमिलनाडु के तट से आज टकराने वाला है. बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी पर स्थित चक्रवाती तूफ़ान NIVAR अगले 12 घंटों के दौरान एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. मौसम विभाग की मानें तो आज शाम 5.30 से पहले 145-150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफान आ सकता है, लेकिन इससे देरी हुई तो तूफान कमजोर पड़ेगा और लोगों को राहत मिलेगी. फिलहाल तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और पुडुचेरी में तूफान से पहले बारिश हो रही है.चेन्नई में जारी भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर भारी जलभराव हो गया है.
Tamil Nadu: Water logging in some parts of the city of Chennai, due to heavy rainfall ahead of #CycloneNivar's landfall pic.twitter.com/BuB6WSFoF5
— ANI (@ANI) November 25, 2020
चेन्नई में कुल 129 राहत शिविर बनाए गए हैं. वहीं, 8 राहत केंद्रों पर पहले से ही 312 लोग शरण लिए हुए हैं. तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में बारिश कल से शुरू हो चुकी है, जन-जन तक चेतावनी पहुंचाई जा चुकी है. ये तूफान आज शाम 5.30 बजे से पहले कभी भी मामलापुरम और कैराकल के बीच तट से टकराएगा. तूफान के आने से पहले सेटेलाइट्स को जो संदेश मिल रहे हैं उसके मुताबिक हवाओं की गति 100 किलीमीटर से ऊपर तो रहेगी ही रहेगी, ये करीब-करीब 150 किलोमीटर प्रतिघंटा तक जा सकती है.
तमिलनाडु में कहीं झमाझम बारिश जारी है, तो कहीं बादल छाए हैं. मछुवारे अपनी-अपनी नावों को बाहर निकाल चुके हैं, मछुवारों के साजो सामानों को सुरक्षित ठिकानों तक ले जाने के लिए जेसीबी की भी मदद ली जा रही है. इस साल बंगाल की खाड़ी मानों बवाल बन गई है, इसी साल 21 मई को अम्फान तूफान बंगाल की खाड़ी से ही उठा था, तब नुकसान पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में ज्यादा हुआ था. इस बार तूफान के निशाने पर तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, पुडुचेरी और तेलगंना है.
#WATCH Visuals from Mamallapuram; #CycloneNivar is likely to cross between Mamallapuram and Karaikal during midnight today and early hours of 26th November, as per IMD#TamilNadu pic.twitter.com/zOoTJKb9gA
— ANI (@ANI) November 25, 2020
लोगों को जागरुक किया जा चुका है, पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर लौट जाने के संदेश दिए जा चुके हैं. एनडीआरफ ने तीनों राज्यों में अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. कोरोना के रूप में जमीन पर आफत पहले से ही थी, अब समुंदर और आसमान से आने वाली है. खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कल तीनों राज्यों के मुख्यंत्रियों से बातचीत की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
मंगलवार रात तक चक्रवाती तूफान निवार पुडुचेरी से 250 किलोमीटर दक्षिण जबकि चेन्नई से दक्षिण पूर्व में 300 किलोमीटर दूर था. अगले कुछ घंटों में इसके चक्रवाती तूफान में बदल जाने की आशंका जताई जा रही है.
तमिलनाडु के पुडुकोट्टाई, नागापट्टिनम, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, थंजावुर, चेंगाल्पेट, अरियालुर, पेरमबलूर, कलाकुरुचि, तिरुवन्नामलाई और तिरुवल्लूर में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. इसके अलावा पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और कराइकल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. अगर इस तूफान ने भयावह रूप धारण कर लिया तो आशंका जताई जा रही है कि तटीय इलाकों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक का दक्षिणी अंदरुनी इलाका और ओडिशा के दक्षिणी इलाकों में भी इसका असर हो सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार या गुरुवार को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. चक्रवाती तूफान निवार बुधवार शाम कराईकल और ममल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार कर सकता है. तमिलनाडु में सोमवार से ही बारिश का दौर चल रहा है. तूफान के यहां पहुंचने के दौरान तेज बारिश के साथ करीब 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सदर्न रेलवे ने कई ट्रेनों और फ्लाइट्स को रद्द करने का ऐलान कर दिया है. रेलवे ने ट्वीट कर जानकारी दी कि चक्रवाती तूफान की वजह से कुछ ट्रेनों को पूर्ण रूप से जबकि कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से कैंसिल किया जा रहा है. पूरी तरह से कैंसिल की गई ट्रेन के टिकट की पूरी राशि नियमानुसार रिफंड की जाएगी.
निवार इस साल उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में असर दिखाने वाला चौथा तूफान होगा. इस क्षेत्र में पहले 13 देश शामिल थे, बाद में ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन को भी जोड़ दिया गया था.
दिलचस्प बात ये है कि इस साल 169 तूफानों को ये देश अलग अलग नाम दे चुके हैं. तूफानों को अलग-अलग नाम उनकी पहचान करने, जनजागरुकता के काम को आसान करने और तैयारियों को वक्त पर पुख्ता करने के लिए दिए जाते हैं. निवार नाम ईरान की ओर से दिए गए नामों में से चुना गया है. अब कुछ ही घंटों में तमिलनाडु, पुडुचुरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके इस तूफान की चपेट में आने वाले हैं.
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