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चार लोगों की मौत, घर और खेत तबाह... पश्चिम बंगाल में कितनी तबाही कर गया रेमल तूफान

सामने आया है कि रेमल तूफान से चार लोगों की मृत्यु हो गई. एक व्यक्ति की कोलकाता में दीवार गिरने के कारण मौत हुई और एक व्यक्ति की मृत्यु दक्षिण-24-परगना में पेड़ गिरने के कारण हो गई. दो लोगों की मौत पूर्व बर्धमान में हुई है. सामने आया है कि बिजली गिरने से दोनों की मौत हुई है.

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पश्चिम बंगाल में रेमल तूफान का असर पड़ा है
पश्चिम बंगाल में रेमल तूफान का असर पड़ा है

पश्चिम बंगाल में तूफान रेमल का लैंडफाल हुआ. 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा के साथ, गंभीर चक्रवाती तूफान 'रेमल' बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के तटों से टकराया. इस दौरान भारी बारिश हुई, जिससे घरों और खेतों में पानी भर गया. चक्रवाती तूफान 'रेमल' तबाही के कई निशान छोड़ गया. सामने आया है कि तूफान से जनहानि भी हुई है. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और कुछ घायल अस्पताल में भर्ती हैं.

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चार लोगों की मौत
सामने आया है कि रेमल तूफान से चार लोगों की मृत्यु हो गई. एक व्यक्ति की कोलकाता में दीवार गिरने के कारण मौत हुई और एक व्यक्ति की मृत्यु दक्षिण-24-परगना में पेड़ गिरने के कारण हो गई. दो लोगों की मौत पूर्व बर्धमान में हुई है. सामने आया है कि बिजली गिरने से दोनों की मौत हुई है. वहीं,  कैनिंग में पेड़ गिरने से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

राज्य पर क्या पड़ा असर?
गंभीर चक्रवात रेमल के कारण क्या असर पड़ा, इसे लेकर एक रिपोर्ट भी सामने आई है. चक्रवात रेमल का लैंडफॉल 26 मई को रात 10.30 बजे हुआ. दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच, बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह के करीब, दक्षिण-24-परगना, उत्तर-24-परगना, पुरबा मेदिनीपुर के तटीय जिलों में बहुत भारी वर्षा हुई. इसके अलावा कोलकाता, हावड़ा, हुगली पश्चिम मेदिनीपुर में भी 26 मई की रात और 27 मई को भारी वर्षा हुई.  

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सुंदरबन के कई इलाकों में बाढ़
सागर द्वीप पर हवा की गति 120 किमी प्रति घंटे और दमदम पर 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई.  कोलकाता में 140 मिमी, हल्दिया में 110 मिमी और कई स्थानों पर 60 मिमी से अधिक वर्षा हुई. बारिश के कारण सुंदरबन के कई इलाकों में बाढ़ आ गई. 

प्रशासन पूरी तरह से सतर्क, तैयार था. सेवाएं बहाल करने और राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन रात भर जुटा रहा. सामने आया है कि तूफान से चार लोगों की मौत हो गई. 
एक व्यक्ति की कोलकाता में दीवार गिरने के कारण मौत हुई और एक व्यक्ति की मृत्यु दक्षिण-24-परगना में पेड़ गिरने के कारण हो गई. दो लोगों की मौत पूर्व बर्धमान में हुई है. सामने आया है कि बिजली गिरने से दोनों की मौत हुई है. वहीं,  कैनिंग में पेड़ गिरने से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 2 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया.

 

हवाई अड्डे का परिचालन हुआ शुरू
मुख्य रूप से दक्षिण-24-परगना और उत्तर-24-परगना में तेज रफ्तार हवा के कारण 1,700 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और कई पेड़ उखड़ गए. सड़क पर गिरे कई पेड़ों को तुरंत हटा दिया गया. कोलकाता के कुछ हिस्सों में जल जमाव की भी सूचना मिली है और सामान्य यातायात बहाल करने के लिए टीमें पानी निकाल रही हैं. तटबंधों की छोटी-मोटी दरारों की तुरंत मरम्मत की गई, वहीं अभी तक किसी बड़े तटबंध के टूटने की सूचना नहीं है. 26 मई को हवाई अड्डे का संचालन बंद कर दिया गया था और अब इसका संचालन फिर से शुरू हो गया है.

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100 से ज्यादा राहत शिविर कर रहे हैं काम
प्रभावित जिलों में 1400 से ज्यादा राहत शिविर काम कर रहे हैं. उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. निकाले गए अन्य लोग सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं.
अब तक लगभग 2,500 घरों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है और सत्यापन के बाद पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर मौजूदा एसडीआरएफ मानदंड 1.20 लाख रुपये के अनुसार प्रभावितों को गृह निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा. 27,000 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी सत्यापन के बाद मुआवजा प्रदान किया जाएगा. प्रभावित परिवारों को तिरपाल, कपड़े और अन्य राहत सामग्री वितरित की गई है और की जा रही है.

चक्रवात के कारण दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों और पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी है. 28 मई तक भारी बारिश की चेतावनी है और सभी जिले राहत और बचाव के लिए लगातार काम कर रहे हैं. 
 

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