चक्रवाती तूफान तौकते के बाद बंगाल की खाड़ी में Yaas का खतरा मंडराने लगा है. कुछ ही समय में ये तूफान, अंडमान, ओडिशा, बंगाल में अपना कहर दिखा सकता है. भारी बारिश से लेकर तेज हवाओं की आशंका पहले ही जताई जा चुकी है. अब कोरोना काल में आ रहे इस तूफान से कई राज्यों की 'कोरोना मैनेजमेंट' पर भी असर हो सकता है. कई ऐसे राज्य हैं जिन्हें ओडिशा के जरिए ऑक्सीजन मिलता है, ऐसे में तूफान के समय ओडिशा से ऑक्सीजन की कमी ना पड़े, इसलिए कुछ राज्यों की तरफ से पहले ही तैयारी कर ली गई है.
ओडिशा में Yaas का संकट, आंध्र को क्या चिंता?
ऐसा ही राज्य है आंध्र प्रदेश जिसे बड़े स्तर पर ओडिशा के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई होती है. ऐसे में अब जब ओडिशा पर Yaas का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में राज्य ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए पहले ही ओडिशा से ऑक्सीजन मंगवाना शुरू कर दिया है.
कोशिश की जा रही है कि ऑक्सीजन की सप्लाई को ओडिशा से बढा दिया जाए जिससे तूफान के दौरान भी आंध्र में ऑक्सीजन संकट खड़ा ना हो और कोरोना मरीजों को भी कोई तकलीफ ना हो जाए. जानकारी दी गई है कि पिछले दो दिन में ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ओडिशा से आंध्र में काफी ऑक्सीजन आई है. 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहले ही आ चुकी है और 24 मई से पहले और 100 मीट्रिक टन आ जाएगी.
ऑक्सीजन सप्लाई क्यों बढ़ा रहा आंध्रप्रदेश?
वहीं जो ऑक्सीजन टैंकर सड़क मार्ग से आंध्र की तरफ आ रहे हैं, उनको लेकर भी पूरी तैयारी कर ली गई है. बताया गया है कि Yaas की वजह से सड़क मार्ग के जरिए मिलने जा रही ऑक्सीजन बाधित नहीं होगी और ओडिशा से उसकी सप्लाई लगातार जारी रहने वाली है. राज्य सरकार की तरफ से इस सिलसिले में ओडिशा के अधिकारियों संग संपर्क भी साधा गया है.
वहां से भी पूरा सहयोग मिल रहा है और दोनों राज्य मिलकर इस तूफान से भी लड़ रहे हैं और कोरोना महामारी के खिलाफ भी अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं. इस सब के अलावा राज्य सरकार की तरफ से बफर स्टॉक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. ये बफर स्टॉक तिरुपति और गंतूर में बनाए जा रहे हैं और वहां पर 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रिसर्व की जाएगी.
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एयरफोर्स की तैयारी
वैसे इस तूफान के खतरे को देखते हुए भारतीय वायुसेना भी सक्रिय हो गई है. अभी तक उनकी तरफ से NDRF के कुल 950 अधिकारियों को एयरलिफ्ट किया गया है. अब वो सभी कोलकाता, भुवनेश्वर और पोर्ट ब्लेयर पर स्थित हैं. वहीं 26 हेलीकॉप्टर को भी स्टैंड बाय पर रखा गया है जो जरूरत पड़ने पर मदद कर सकते हैं. इस सब के अलावा नौसेना की तरफ से भी पूरी तैयारी की गई है.
बता दें कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान यास के 26 मई की शाम तक पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तट से टकराने की संभावना है. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी हाई लेवल मीटिंग हो चुकी है और अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दे दिए गए हैं.