भारतीय जनता पार्टी के सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा संसद में प्रयोग की गई आपत्तिजनक भाषा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बिधूड़ी ने लोकसभा में चंद्रयान 3 की चर्चा के दौरान बसपा सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजक शब्दों का प्रयोग किया था. अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि दानिश अली ने लोकसभा स्पीकर को चिट्टी लिखकर रमेश बिधूडी की सदस्यता रद्द करने की मांग की है.
दूसरी तरफ बीजेपी ने बिधूड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है कि आखिर उनके खिलाफ पार्टी कार्यवाही क्यों नहीं करे? उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति को 15 दिन में नोटिस का जवाब देना होगा.
कांग्रेस ने मांग की है कि बिधूड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सूत्रों के मुताबिक,रमेश बिधूड़ी से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बात की है. रमेश बिधूड़ी के मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए रमेश बिधूडी को चेतावनी भी दी है कि भाषा की मर्यादा का ध्यान रखें. बिधूड़ी के इस बयान की तमाम विपक्षी दलों ने आलोचना की है.
विपक्ष ने की आलोचना
लालू प्रसाद यादव ने बिधूड़ी की भाषा की आलोचना करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री ने देश की समृद्ध संसदीय परंपराओं के विरुद्ध ऐसी विकृत सामाजिक राजनीतिक संस्कृति को जन्म दिया है . जिसमें इनकी एक सांसद राष्ट्रपिता गांधी जी के हत्यारे आतंकवादी का महिमा मंडन करती है. PM के इशारे पर एक बीजेपी सांसद पार्लियामेंट के अंदर विपक्ष के एक सांसद के लिए जिस अमर्यादित, असंसदीय और तुच्छ भाषा का प्रयोग कर रहा है वह घोर आपत्तिजनक, निंदनीय एवं लोकतंत्र व समाज के लिए चिंताजनक है. यह इनका अमृतकाल नहीं बल्कि विषकाल है.'
लोकसभा में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान पर बवाल, स्पीकर ने दी कड़ी चेतावनी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा,'दोहराया तो सख्त कार्रवाई' दुर्व्यवहार करने वाले भाजपा सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से इनकार करने के लिए स्पीकर को शर्म आनी चाहिए. विपक्षी सांसदों को मामूली अपराधों के लिए निलंबित कर दिया गया है और यहां खुलेआम दुर्व्यवहार को माफ कर दिया गया है.'
राजनाथ ने जताया खेद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में भाजपा सदस्य रमेश बिधूड़ी द्वारा की गई कुछ "आपत्तिजनक" टिप्पणियों के लिए खेद व्यक्त किया है. रक्षा मंत्री ने कहा,"यदि सांसद की टिप्पणी से विपक्ष आहत हुआ है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं.'सिंह के इस कदम की सदस्यों ने मेजें थपथपाकर सराहना की.
डॉ. हर्षवर्धन का बयान
जिस समय रमेश बिधूड़ी भाषण दे रहे थे, उस समय पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन उनके बगल में बैठे थे. जैसे ही बिधूड़ी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था हर्षवर्धन भी सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगे. अब हर्षवर्धन ने इस पर सफाई देते हुए कहा, 'मैंने ट्विटर पर अपना नाम ट्रेंड होते देखा है, जहां लोगों ने मुझे इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले में घसीटा है, जहां दो सांसद सदन में एक-दूसरे के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे.हमारे वरिष्ठ एवं सम्मानित नेता राजनाथसिंह जी पहले ही दोनों पक्षों द्वारा ऐसी अनुचित भाषा के प्रयोग की निंदा कर चुके हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपने मुस्लिम दोस्तों से पूछता हूं जो आज सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ लिख रहे हैं, क्या वे वास्तव में मानते हैं कि मैं कभी भी ऐसी अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल में भागीदार बन सकता था जो किसी एक समुदाय की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाती? मैं चांदनी चौक के प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में जीतकर बहुत खुश था और यदि सभी समुदायों ने मेरा समर्थन नहीं किया होता तो ऐसा कभी नहीं हो पाता.'