भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. चंद्रशेखर पर बुधवार को देवबंद में जानलेवा हमला हुआ था. कार सवार बदमाशों ने चंद्रशेखर की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इस दौरान एक गोली चंद्रशेखर की पीठ को छूती हुई निकल गई थी. इसके बाद चंद्रशेखर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसी बीच गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद को फिर से धमकी मिली है. चंद्रशेखर को फेसबुक पर मिली धमकी में कहा गया है, ''अगली बार नहीं बचोगे.''
दरअसल, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर बुधवार शाम को अपने एक साथी की मां की रस्म पगड़ी में शामिल होने के बाद सहारनपुर लौट रहे थे. शाम करीब 5 बजे देवबंद थाना क्षेत्र के यूनियन सर्किल के पास उनपर ये हमला हुआ. 4-5 हमलावर हरियाणा नंबर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से आए और उनपर फायरिंग कर दी. इस दौरान 4 गोलियां दागी गईं. हमले में एक गोली गेट को चीरते हुए चंद्रशेखर की कमर को छूती हुई निकल गई.
हमले से 5 दिन पहले भी मिली थी धमकी
समाचार एजेंसी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद को हमले से 5 दिन पहले फेसबुक पर धमकी दी गई थी. क्षत्रिय ऑफ अमेठी नाम से बने पेज द्वारा शेयर एक पोस्ट में कहा गया था, ''चंद्रशेखर रावण को जिस दिन भी मारेंगे अमेठी के ठाकुर मारेंगे. वह भी बीच चौराहे पर.'' वहीं, गुरुवार को इसी पेज पर फिर से एक धमकी दी गई. इस पोस्ट में लिखा गया, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण पर जानलेवा हमला. चंद्रशेखर रावण की कमर में लगी गोली. बच गया साला, अगली बार नहीं बचेगा.
इसी फेसबुक पेज पर आगे लिखा गया, रावण बहुत शातिर आदमी है. इसको सुरक्षा व्यवस्था चाहिए. भौकाल बनाने के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी चाहिए. बुलेट प्रूफ जैकेट चाहिए. किसी भी बेगुनाह राजपूत को अगर फंसाया जाता है आंदोलन बहुत बड़ा हो जाएगा ध्यान रहे.
फेसबुक पोस्ट को लेकर एक गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेठी पुलिस ने विमलेश सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. वही, क्षत्रिय ऑफ अमेठी नाम का पेज चला रहा था. पुलिस ने फेसबुक पर धमकी के मामले में आईटी एक्ट के 66(A) और सेक्शन 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है.
चंद्रशेखर ने सीएम योगी का मांगा इस्तीफा
उधर, चंद्रशेखर ने अपने ऊपर हुए इस हमले को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, कल की तरह की घटना आज भले हीं मेरे साथ घटी है, लेकिन आगे किसी भी समय ऐसी घटनाएं किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों और उनके समर्थकों के साथ घट सकती है. इसकी दो वजहें हैं. पहली- उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है. और दूसरा- सरकार अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर प्रश्रय देकर उसे संरक्षण प्रदान कर रही है. इससे आज न तो कानून का भय है और न हीं पुलिस का.
उन्होंने कहा, आप चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से न तो झुका सकते हैं न डरा सकते हैं और न ही डिगा सकते हैं. मेरा 56 इंच का सीना असली है नकली नहीं. उन्होंने कहा कि मुझपर हुए हमले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
पुलिस ने मामला किया दर्ज
सहारनपुर के देवबंद थाने में भीम आर्मी के पदाधिकारी और चंद्र शेखर के साथी मनीष कुमार की शिकायत पर FIR दर्ज की गई. दर्ज केस में हत्या के प्रयास के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया है. हमलावर जिस स्विफ्ट कार से आए थे, उसका नंबर एचआर 70 डी 0278 बताया जा रहा है. पुलिस ने हमलावरों द्वारा इस्तेमाल कार को बरामद कर लिया है. इतना ही नहीं चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. पुलिस ने फेसबुक पर धमकी के मामले में भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
कौन हैं चंद्रशेखर आजाद ?
चंद्रशेखर आजाद दलितों के लिए काम करने वाली संस्था भीम आर्मी के सह-संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उन्होंने सतीश कुमार और विनय रतन सिंह ने 2014 में भीम आर्मी की स्थापना की थी. 2019 में, उन्होंने मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने सपा/बसपा गठबंधन को समर्थन देते हुए हाथ खींच लिया.
चंद्रशेखर ने 15 मार्च 2020 को आजाद समाज पार्टी की स्थापना भी की. आजाद ने खुद को दलित नेता के रूप में स्थापित किया है और वो अपनी खास आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं. चंद्रशेखर 2022 में गोरखपुर से सीएम योगी के खिलाफ विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. साल 2021 में टाइम मैगजीन ने चंद्रशेखर आजाद को 100 उभरते हुए नेताओं की लिस्ट में भी शामिल किया था. वकील और दलित-बहुजन अधिकार कार्यकर्ता चंद्रशेखर आजाद का जन्म 3 दिसंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के छुटमुलपुर कस्बे में हुआ.