scorecardresearch
 

LAC पर सैनिकों की तैनाती कम नहीं करेगा भारत, रक्षा मंत्री राजनाथ ने की समीक्षा बैठक

थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने इस मीटिंग में भारत की रक्षा तैयारियां पर एक प्रजेंटेशन दिया. सूत्रों ने बताया कि इस मीटिंग में आर्मी चीफ नरवणे ने देश की सैन्य तैयारियों, सेना और हथियारों की तैनाती की जानकारी दी.

Advertisement
X
आर्मी चीफ एमएम नरवणे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो-पीटीआई)
आर्मी चीफ एमएम नरवणे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • LAC पर भारत की रक्षा तैयारियों को लेकर बैठक
  • रक्षा मंत्री, NSA, CDS, आर्मी चीफ हुए शामिल
  • कमांडरों को निर्देश, बॉर्डर पर आक्रमकता बनाए रखें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को चीन के अड़ियल रुख को देखते हुए भारत की सैन्य तैयारियों पर एक हाईलेवल मीटिंग की और लद्दाख में स्थिति की समीक्षा की. 

Advertisement

रक्षा महकमे से जुड़े तमाम आला अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए. बैठक में एनएसए अजित डोभाल, CDS जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख जनरल नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया शामिल थे. 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए चीन से लगती सीमा पर भारत अपनी सेनाएं किसी भी हालत में कम नहीं करेगा. इसके अलावा चीन के साथ सामान्य रिश्तों की एक मात्र शर्त यह है कि चीन लद्दाख में अप्रैल वाली स्थिति में वापस लौटे. 

प्रजेंटेशन में नरवणे ने बताई देश की तैयारी 

थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने इस मीटिंग में भारत की रक्षा तैयारियां पर एक प्रजेंटेशन दिया. सूत्रों ने बताया कि इस मीटिंग में आर्मी चीफ नरवणे ने देश की सैन्य तैयारियों, सेना और हथियारों की तैनाती की जानकारी दी. इसके अलावा आगामी सर्दियों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चुनौतियों से निपटने की क्या रणनीति है इसकी जानकारी भी दी गई है. 

Advertisement


पढ़ें- चीन अब कर रहा आस्था पर चोट, कैलाश पर्वत के पास तैनात करेगा मिसाइलें
 

20-21 अगस्त को सैन्य कमांडरों की मीटिंग

इससे इतर सेना ने भी उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों पर सुरक्षा स्थिति और सैन्य तैयारियों की समीक्षा के लिए 20 और 21 अगस्त को एक मीटिंग की थी, इसमें सेना के कमांडर शामिल हुए थे. जानकारी के मुताबिक सेना ने इस मीटिंग में LAC और LoC पर सभी सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की. इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की क्या रणनीति है इस पर बात की गई.

सीमा विवाद सुलझाना नहीं चाहता चीन

सूत्रों ने बताया कि भारत की सेना का आकलन है कि चीनी सेना बॉर्डर विवाद को सुलझाने को लेकर गंभीर नहीं है. इस मुद्दे पर भी भारत अपनी रणनीति बना रहा है. आर्मी चीफ नरवणे ने सभी सीनियर कमांडरों को कह दिया है कि वे LAC पर भारत की आक्रमकता को बनाए रखें, ताकि चीन के किसी भी 'मिसएडवेंचर' को तुरंत कुचला जा सके. 

सर्दियों के मौसम के लिए LAC पर तैनात होने वाले सैनिकों के लिए सेना हथियार, गोला बारूद और दूसरे साजो सामान खरीदने में जुटी है, ताकि LAC पर सेना को कम से कम कठिनाई का सामना करना पड़े. सर्दियों में इन इलाकों का तापमान शून्य से 25 डिग्री नीचे चला जाता है. 

Advertisement

पैंगोंग और देपसांग से पीछे नहीं हट रहा है चीन

बता दें कि 15 जून को गलवान में टकराव के बाद 6 जुलाई से भारत चीन ने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी. चीनी सेना गलवान समेत कई दूसरे टकराव के बिन्दुओं से तो वापस आ गई लेकिन पैंगोग झील, देसपांग और कुछ ठिकानों पर अभी भी अवैध रूप से जमी हुई है. चीन के साथ हुई 5 बार की कमांडर लेवल की वार्ता में भारत ने हर बार दो टूक कहा है कि चीनी सेना की संपूर्ण वापसी हो और पूर्वी लद्दाख में चीन अप्रैल से पहले की स्थिति पर आए, इससे कम भारत को कुछ भी मंजूर नहीं है. 


 

Advertisement
Advertisement