दिल्ली की हवा की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. मंगलवार की सुबह वायु की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई. यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडैक्स) 332 तक चला गया है. स्थानीय लोगों की मानें तो आंखों में जलन होने लगी है. अनुमान है कि दिल्ली की हवा अभी और खराब स्थिति में पहुंच सकती है.
सोमवार की सुबह 10 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडैक्स (Air Quality Index) 240 पर था. इससे पहले रविवार और शनिवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) क्रमश: 216 और 221 था. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि दिल्ली की हवा दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है.
वायु गुणवत्ता शून्य से 50 के बीच 'अच्छी', 51 से 100 तक 'संतोषजनक', 101 से 200 तक 'मध्यम', 201 से 300 तक 'खराब', 301 से 400 तक 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' मानी जाती है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक सुबह दिल्ली-एनसीआर में पीएम-10 का स्तर 332 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो इस मौसम में अब तक का अधिकतम है. भारत में पीएम-10 का स्तर जब 100 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से कम रहता है तो उसे सुरक्षित माना जाता है.
दिल्ली में वायु गुणवत्ता 29 जून के बाद से पहली बार 07 अक्टूबर 2020 को 'खराब' हुई थी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तब 24 घंटे के दौरान एक्यूआई 215 दर्ज की थी. ‘सफर' ने कहा कि पाकिस्तान से लगे इलाकों, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलाए जा रहे पराली के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है.