कृषि कानून को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा हो गया है. गुरुवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें केंद्र द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों का विरोध किया जा रहा है. इसी दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में ही कृषि कानून की कॉपी को फाड़ दिया.
सत्र की शुरुआत होने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने एक संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की बात कही गई. इसके बाद हर वक्ता को बोलने के लिए पांच मिनट का वक्त दिया जा रहा है.
AAP MLAs @attorneybharti and @MohinderAAP tears copy of 3 Farm Bills.
— AAP (@AamAadmiParty) December 17, 2020
"We refuse to accept these black laws which are against farmers." pic.twitter.com/7s4puJNZPA
आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती ने सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ा. उन्होंने इस दौरान जय जवान, जय किसान के नारे लगाए और कहा कि जो कानून किसानों के खिलाफ है, हमें उसे स्वीकार नहीं करेंगे.
वहीं, विशेष सत्र में AAP मंत्री गोपाल राय ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसान इस कड़ाके की ठंड में सड़क पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. ऐसे में पार्लियामेंट का सेशन बुलाकर इस कानून पर चर्चा करने की जरूरत थी, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में विधानसभा सत्र बुलाकर इस पर चर्चा की.
अगर केंद्र सरकार ने रामलीला मैदान में आंदोलन करने की इजाजत दी होती तो इतने किसानों की जान नहीं जाती. किसान रामलीला मैदान में आंदोलन करता तो क्या हो जाता? उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी किसानों पर लाठी चलाने की राजनीति करेगी तो हम उनकी रक्षा की राजनीति करेंगे.
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी लगातार कृषि कानूनों के मसले पर किसान आंदोलन के साथ नजर आ रही है. अरविंद केजरीवाल खुद भी किसानों से मिलने सिंघु बॉर्डर पहुंचे थे, इसके अलावा AAP ने भारत बंद, एकदिवसीय उपवास का भी समर्थन किया था.
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आम आदमी पार्टी का कहना है कि तीनों कानून किसानों के खिलाफ हैं, ऐसे में केंद्र को इन्हें तुरंत वापस लेना चाहिए. दूसरी ओर केंद्र सरकार और बीजेपी का कहना है कि दिल्ली सरकार नवंबर के आखिरी हफ्ते में ही इन कानूनों का नोटिफिकेशन लागू कर चुकी है, ऐसे में अब सिर्फ दिखावे का विरोध हो रहा है.