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देश की राजधानी दिल्ली में घुसने पर अड़े किसानों का प्रदर्शन अभी भी जारी है. पंजाब से चले किसान हरियाणा में घुस गए हैं और अब दिल्ली बॉर्डर के करीब हैं. सुबह से ही कई जगहों पर पुलिस और किसान आमने-सामने हैं, बातचीत की कोशिश हुई लेकिन वो भी फेल हो गई. ऐसे में किसानों का ये प्रदर्शन कहां जाकर रुकेगा, ऐसे सवाल हर किसी के मन में हैं. शुक्रवार सुबह से अबतक किसान आंदोलन से जुड़े बड़े अपडेट क्या हैं, एक नज़र डालें..
1. शुक्रवार सुबह से ही किसानों के आंदोलन का फोकस दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर आ गया. यहां सिंधु बॉर्डर पर किसानों का बड़ा जमावड़ा इकट्ठा हुआ, जो दिल्ली में प्रवेश के लिए तैयार है. पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सुबह ही आंसू गैस के गोले छोड़े.
2. सिंधु बॉर्डर पर ही किसानों और पुलिस के बीच कुछ बातचीत भी हुई. पुलिस ने सभी से वापस जाने को कहा, लेकिन किसान दिल्ली जाने पर अड़े हैं. किसानों का कहना है कि चाहे एक घंटे रुकना हो या एक महीने वो यहां से वापस नहीं जाएंगे.
3. सिंधु बॉर्डर के अलावा पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के कुल 6 रास्तों पर किसानों का जत्था मौजूद है जो दिल्ली की ओर कूच कर रहा है. पुलिस ने हर मोड़ पर किसानों को रोकने की तैयारी की है.
4. बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया है और कभी भी दिल्ली बॉर्डर पर आ सकते हैं. ऐसे में पुलिस की तैयारी तेज हो गई है. दिल्ली पुलिस ने राज्य सरकार से कुल नौ स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाने की इजाजत मांगी है.
5. अगर किसान दिल्ली में प्रवेश करते हैं, तो किसानों को हिरासत में लिया जा सकता है. कोरोना संकट के कारण राजधानी में बड़ी संख्या में एक जगह एकत्रित होना मना है.
6. किसानों के प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन पर 6 स्टेशन के गेट बंद कर दिए गए हैं. ग्रीन लाइन पर ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, श्रीराम शर्मा, टिकरी बॉर्डर, टिकरी कलां, घेवरा स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट को बंद कर दिया गया है.
7. दिल्ली मेट्रो पर आज भी काफी बंदिशे हैं. दिल्ली से नोएडा या गुरुग्राम मेट्रो जा रही है. लेकिन नोएडा-गुरुग्राम से दिल्ली मेट्रो नहीं जा रही है.
8. पंजाब-हरियाणा के किसानों को आज यूपी के किसानों का साथ मिल रहा है. एनसीआर में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरेंगे और दिल्ली-देहरादून हाइवे को जाम करेंगे.
9. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर किसानों के प्रदर्शन पर बयान दिया है और तीन दिसंबर को बातचीत करने को कहा है. किसानों का कहना है कि वो सीधे पीएम मोदी से बात करेंगे.
10. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने किसानों पर एक्शन का विरोध किया है. राजनीतिक दलों का कहना है कि सरकार को किसानों से तुरंत बात करनी चाहिए और कानून वापस लेना चाहिए.