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PFI के पूर्व कोऑर्डिनेटर की जमानत याचिका पर दिल्ली HC ने NIA को जारी किया नोटिस, मांगा जवाब

एनआईए ने इब्राहिम पुथनाथनी और कुछ अन्य पीएफआई नेताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत एक आतंकी मामले में चार्जशीट दायर की है. उन्हें 2022 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था. एनआईए ने आरोप लगाया था कि ये लोग कई राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत और विदेशों से फंड इकट्ठा कर रहे थे और साजिश रच रहे थे.

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दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व नेशनल कॉओर्डिनेटर इब्राहिम पुथनाथनी की जमानत याचिका पर एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को नोटिस जारी किया. अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा है. 

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कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को करेगी. ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज करने और उन्हें जमानत देने से इनकार करने के बाद इब्राहिम पुथानाथनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

एनआईए ने दाखिल की थी चार्जशीट

एनआईए ने इब्राहिम पुथनाथनी और कुछ अन्य पीएफआई नेताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत एक आतंकी मामले में चार्जशीट दायर की है. उन्हें 2022 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था. एनआईए ने आरोप लगाया था कि ये लोग कई राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत और विदेशों से फंड इकट्ठा कर रहे थे और साजिश रच रहे थे.

PFI को बॉम्बे हाई कोर्ट से लगा झटका

इससे पहले मंगलवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के तीन कथित सदस्यों को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी. जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की बेंच ने रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम पटेल और कय्यूम अब्दुल शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी. 

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उन पर 14 जून, 2022 को मालेगांव में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया कार्यालय के उद्घाटन में शामिल होने और फिर 'मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को उठाने और किसी भी तरीके को अपनाकर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए मुस्लिम समुदाय की एकता की जरूरत का मुद्दा उठाने' का आरोप लगाया गया था.

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